मेक्सिको पुलिस पर 22 संदिग्धों को मारने और उस घटना को क्राइम सीन बना कर दबाने का आरोप लगा है। मेक्सिको के ह्यूमन राइट्स कमीशन का कहना है कि छोटे टाउन टेनहॉउतो के पास पिछले साल मई 2013 की रेड में 42 संदिग्धों को मारा गया था। इनमें से फेडरल पुलिस ने आधे से ज्यादा को मौत के घाट उतारा था।
एनपीआर.ओआरजी की खबर के अनुसार कमीशन ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने दो शवों को जला दिया था जबिक दो संदिग्धों को प्रताड़िता किया था। साथ ही पुलिस ने हथियारों को भी छुपाने की कोशिश की।कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि वह अभी तक यह नहीं जान पाया है कि 15 लोगों की मौत कैसे हुई।
कमीशन के प्रेसिडेंट लुईस रॉउल गोन्जालेज परेज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जांच में साफ हो गया है कि पुलिस के मानव अधिकारों का गंभीर उल्लंघन किया है। मेक्सिको शहर से 210 किलोमीटर दूर रांचो डेल सॉल में हुई इस वारदात पुलिस और ड्रग्स माफिया के बीच मुठभेड़ हुई थी और इसे हाल ही में हुई सबसे घातक वारदात माना जाता है।