अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में अंधाधुंध फायरिंग करने वाला शख्स भारतीय मूल का वकील नथन देसाई है। पुलिस ने देसाई को उस समय मारा जब वह आने जाने वाले लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा था। खबरों के अनुसार वकील ने उस दौरान मिलिट्री के कपड़े डाले हुए थे और वर्दी पर नाजियों की सहानुभूति संकेत देने वाला स्वास्तिक चिह्न भी बना हुआ था।
एनडीटीवी की खबर के अनुसार देसाई के पास हैंडगन और छोटी मशीनगन मौजूद थी और उसने करीब 20 मिनट तक वहां से गुजरने वाले लोग और गाड़ियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में नौ लोग घायल हो गए, जिसमें एक व्यक्ति की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। खबरों के अनुसार देसाई एक पेड़ के पीछे छुप कर लोगों पर हमला कर रहा था और उसकी गाड़ी में भारी मात्रा में बारूद मौजूद था।
वकालत की प्रैकटिस से था नाराज
बताया जा रहा कि वकील देसाई वकालत की प्रैक्टिस से नाराज था और उसके पास किसी भी सिविल और आपराधिक केस नहीं थे। वर्ष 2013 से अब तक उसे सिर्फ दो नए आपराधिक मामले मिले थे। पिता प्रकाश देसाई ने बातचीत में बताया कि बेटे से गन अपनी सुरक्षा के लिए रखी थी और उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था का वह इतना बड़ा कदम उठाने जा रहा है।
पेशे से भूगर्भशास्त्री पिता ने कहा कि 12 घंटे पहले जब उन्होंने बेटे के साथ खाना खाया था, तब ऐसा कुछ भी महसूस नहीं हुआ कि उसके मन में क्या चल रह है। बताते चले कि अमेरिका के अखबार में देसाई के लिए कैपिटल में 'एस' शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसका मतलब साउथ एशियन माना जा रहा है, वहीं उसके पिता का नाम प्रकाश देसाई ही लिखा गया है अमेरिका में भारतीय मूल द्वारा की गई फायरिंग का यह दूसरा मामला है। इससे 13 साल पहले फायरिंग की गई थी।