पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के एक परिवार के साथ अत्याचार का मामला सामने आया है। जबरन इस्लाम कबूलने के मामले में 17 साल की नाबालिग गैंगरेप किया गया है। जानकारी के अनुसार घटना इसाई परिवार के साथ हुई है और उनके ऊपर लंबे समय से इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जा रहा था।
लेकिन, इसके विरोध की कीमत घर की बेटी को चुकानी पड़ी। डेली मेल की खबर के अनुसार मिट्टी के घर में रहने वाले इसाई परिवार को रस्सियों से बांध दिया गया।
भाई को बंधक बना बहन की सुनाई चीख
महिला से गैंगरेप
आरोपी पीड़िता और उसके भाई आरिफ को घर से दूर एक बिल्डिंग में ले गए। इस बीच भाई आरिफ बांध दिया गया और दूसरे कमरे में उसकी बहन के साथ गैंगरेप किया गया। हैरान करने वाली बात है कि उसे अपनी बहन की चीख सुनने के लिए मजबूर भी किया गया। आरिफ किसी तरह वहां से भागने में कामयाब हो गया, लेकिन उसकी बहन अपनी भी गायब है।
इस दर्दनाक घटना के बाद सवाल खड़े होने लगे हैं और विरोध किया जा रहा है। द ब्रिटिश पाकिस्तानी क्रिस्चिन एसोशिएशन पीड़ित परिवार की मदद कर रहा है और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है। साथ ही पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज करने से भी मना कर दिया है।
पुलिस ने नहीं की शिकायत दर्ज
rape
- फोटो : daily mail
संगठन के मुताबिक, कुछ मुस्लिम समुदाय अकेले रहने वाले परिवारों को टारगेट करते हैं, खासतौर पर जिनके घर छोटे गांवों में मिट्टी के बने होते हैं। इतना ही नहीं इन ईसाई परिवारों को बंदूक और लाठ्ठियों के जोर पर लूटा भी जाता है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि इस्लाम कबूलने का खौफ इस कदर बनाया जाता था कि उनके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी आए दिन दी जाती थी।