Laura Plummer with Egyptian husband Omar
- फोटो : the sun
एक महिला को अपने पति के लिए पेनकिलर दवा ले जाना इतना महंगा पड़ेगा उसने कभी सोचा भी नहीं होगा। इस मामले में महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना मिस्र की है जहां एक ब्रिटेन की महिला को अपने साथ पेनकिलर रखना भारी पड़ गया। 33 साल की लौरा प्लमर को मिस्र में तब गिरफ्तार किया गया जब उनके सूटकेस में ट्रैमडॉल और नैपरॉक्सन जैसी दर्द निवारक गोलियां पाईं गईं। महिला का कहना है कि ये दवाइयां वह अपने पति के लिए मिस्र लाईं थी, जो कि एक ऐक्सिडेंट के बाद से दर्द से परेशान रहते हैं। महिला के पति मिस्र के ही नागरिक हैं और वह साल में 2 से 4 बार पति से मिलने आती है।
'द सन' की खबर के मुताबिक महिला से अरबी भाषा में लिखे एक 38 पन्नों के बयान पर साइन कराए गए। हस्ताक्षर करने से पहले उन्हें हवाई अड्डे पर बिना किसी दुभाषिया के पांच घंटे तक रखा गया। महिला को लगा कि साइन करने के बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा लेकिन इसके बदले उसे 15 बाइ 15 की जेल की कोठरी में 25 अन्य महिलाओं के साथ एक महीने के लिए बंद कर दिया गया।
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महिला के भाई जेम्स प्लमर ने बताया कि पुलिस ने उन्हें यह जानकारी दी कि उनकी बहन को अब 25 साल की जेल हो सकती है। एक वकील ने यह भी बताया कि उनकी बहन को मौत की सजा भी सुनाई जा सकती है। जेम्स के मुताबिक उनकी बहन को मिस्र के अधिकारियों ने ड्रग ट्रैफिकिंग के मामले में गिरफ्तार किया है, लेकिन उनकी बहन अपने मिस्र मूल के पति के लिए कुछ पेन किलर्स लाई थीं।
महिला के पास ट्रैमडॉल की 29 लीफ (हर लीफ में 10 टैबलेट्स) मिलीं। इसके साथ ही कुछ नैपरॉक्सन मिलीं जो महिला अपने पति के लिए ले जा रही थी क्योंकि पति का कुछ समय पहले ऐक्सिडेंट हुआ था और वह दर्द से परेशान था। जेम्स ने बताया कि उसकी बहन को लगा था कि वह अपने पति के लिए दवाइयां ले जाकर अच्छा काम कर रही है।
जेम्स ने बताया कि उनकी मां और दूसरी बहने मिस्र में 9 अक्टूबर को लौरा की गिरफ्तारी के बाद उससे मिलने गईं। जेम्स ने बताया कि दूसरे देश का मामला होने की वजह से उनके परिवार के पास विकल्प कम हैं और वे लाचार महसूस कर रहे हैं। दूसरी तरफ मिस्र के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हम ब्रितानी महिला और उनके परिवार की मदद कर रहे हैं।'