ब्रिटेन में आगामी 12 दिसंबर को आम चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों में जम्मू कश्मीर से 370 को हटाने का भारत सरकार का फैसला सात समंदर पार यहां पर चुनावी मुद्दा बन गया है। भारतीय समुदाय से जुड़े कुछ संगठन वोटरों पर असर डालने के लिए सोशल मीडिया पर संदेश भेज रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं।
इन संदेशों में कहा जा रहा है कि विपक्षी लेबर पार्टी 370 को हटाने के भारत के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान के दुष्प्रचार का आंख मूंदकर समर्थन कर रही है। इससे लेबर पार्टी को अपने भारत विरोधी रुख को लेकर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि लेबर पार्टी ने कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया था।
लेबर पार्टी ने अपनी सफाई में कहा है कि कश्मीर पर पार्टी के प्रस्ताव की गलत व्याख्या की जा रही है। इसमें कहा गया था कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप आत्मनिर्णय का अधिकार दिया जाना चाहिए। इसकी मंजूरी लेबर नेता जेरेमी कोर्बिन ने दी थी। लेबर पार्टी को लंदन में पाकिस्तान के समर्थन में हुए प्रदर्शनों की आलोचना न करने पर हिन्दू विरोधी भी कहा जा रहा है।
ब्रिटेन चुनाव में 10 लाख हैं भारतीय वोट
ब्रिटेन के चुनाव में भारतीय समुदाय के 10 लाख से अधिक वोट हैं और प्रत्येक राजनीतिक दल मंदिरों और गुरुद्वारों में अपनी तस्वीरें खिंचवाकर इस समुदाय को लुभाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि जानकारों का मानना है कि यह समुदाय महज एक मसले पर मतदान नहीं करेगा।
12 दिसंबर को होंगे चुनाव
देश में कुल 650 सीटें हैं। सबसे अधिक इंग्लैंड में 533, स्कॉटलैंड में 59, वेल्स में 40 और उत्तरी आयरलैंड में 18 सीटें हैं। इसमें चार करोड़ 58 लाख मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव परिणाम 13 दिसंबर को आएगा। जिसके पास 326 सीटों का बहुमत होगा वह दल सरकार बना सकेगा।