सार
जुबीन गर्ग की मौत को लेकर उनके परिवार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विशेष अदालत, तेज सुनवाई और सिंगापुर में कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि बिना विशेष व्यवस्था के इंसाफ में देरी होगी। असम पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।
असम के सांस्कृतिक प्रतीक और मशहूर गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत को लेकर अब मामला सिर्फ एक हादसे तक सीमित नहीं रहा। उनके परिवार ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। परिवार ने मांग की है कि मामले की सुनवाई तेज करने के लिए विशेष अदालत बनाई जाए, ताकि इंसाफ में देरी न हो और सच्चाई सामने आ सके।
जुबीन गर्ग के परिवार ने अपने ज्ञापन में कहा है कि उनकी मौत ने सिर्फ परिवार को नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार का कहना है कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनभावना से जुड़ा है। उन्होंने अनुरोध किया है कि जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए।
परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं?
परिवार ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर भारत में एक विशेष अदालत गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मामले की सुनवाई पर पूरा फोकस रहेगा और प्रक्रिया में देरी से बचा जा सकेगा। साथ ही, उन्होंने न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई को फास्ट-ट्रैक करने की भी अपील की है, ताकि समय के साथ सबूत कमजोर न हों।
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कानूनी और कूटनीतिक कदम क्यों जरूरी?
- परिवार ने सिंगापुर में चल रही जांच पर भारत सरकार की सक्रिय निगरानी की मांग की।
- सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट की कार्यवाही पर उच्च स्तर पर नजर रखने का अनुरोध किया।
- दोनों देशों के बीच कानूनी सहयोग को मजबूत करने की अपील की।
- सभी जरूरी दस्तावेज और गवाहियों को भारतीय एजेंसियों तक पहुंचाने की मांग की।
- अधिकार क्षेत्र की जटिलताओं को सच्चाई के रास्ते में बाधा न बनने देने की अपील की।
अब तक जांच में क्या सामने आया?
ज़ुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर में हुई थी, जहां वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने गए थे। असम पुलिस की सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच टीम ने इस मामले में 12 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल की। अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से चार पर हत्या, एक पर गैर-इरादतन हत्या और दो पर आपराधिक साजिश व विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।
सिंगापुर जांच और विरोधाभास
सिंगापुर की स्थानीय जांच एजेंसियों ने अलग से जांच करते हुए कोरोनर कोर्ट में यह निष्कर्ष दिया कि ज़ुबीन गर्ग की मौत डूबने से हुई और इसमें किसी तरह की साजिश के संकेत नहीं मिले। कोर्ट के अनुसार, वे अत्यधिक नशे की हालत में थे और लाइफ जैकेट लेने से इनकार करने के बाद लाजारस आइलैंड के पास समुद्र में डूब गए। हालांकि, परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं है।
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