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जुबीन गर्ग मौत मामला: दो आरोपियों को जमानत, अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे पहली शिकायत दर्ज कराने वाले वकील

Sat, 17 Oct 2026 07:50 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

जुबीन गर्ग की मौत के मामले में दो आरोपियों को गुवाहाटी हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पहली पुलिस शिकायत दर्ज कराने वाले वकील रतुल बोरा सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने पुलिस की चार्जशीट में कमियों और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। मामले में सात आरोपी हैं और चार पर हत्या के आरोप हैं। क्या सुप्रीम कोर्ट जमानत आदेश पर रोक लगाएगा और बाकी आरोपियों को राहत मिलने से रोकेगा? आइए, मामले को विस्तार से समझते हैं...

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जुबीन गर्ग मौत मामले में जांच और चार्जशीट पर सवाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद कानूनी लड़ाई तेज होने के संकेत हैं। इस मामले में सबसे पहले पुलिस शिकायत दर्ज कराने वाले वकील रतुल बोरा ने कहा है कि वह गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की चार्जशीट में कमियां होने के कारण आरोपियों को एक के बाद एक जमानत मिल रही है। बोरा ने मामले की कानूनी कार्रवाई में राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

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रतुल बोरा ने शनिवार को असम के मोरीगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग करेंगे, जिसके तहत दो आरोपियों को जमानत दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वह शीर्ष अदालत से अपील करेंगे कि मामले के बाकी आरोपियों को जमानत न मिले। जिन दो आरोपियों को जमानत मिली है, उनमें गायक के बैंड की सदस्य और गायिका अमृतप्रभा महंत तथा उनके चचेरे भाई और निलंबित असम पुलिस उपाधीक्षक संदीपन गर्ग शामिल हैं।

वकील ने जमानत के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला क्यों किया?
रतुल बोरा का आरोप है कि पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में कमियां होने के कारण आरोपियों को अदालत से राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्यवाही में राज्य सरकार की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है। बोरा ने साफ किया कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देंगे। साथ ही वह कोशिश करेंगे कि मामले में जेल में बंद अन्य आरोपियों को जमानत न मिले। ये आरोप वकील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए हैं। हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के उनके फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
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जुबीन गर्ग की मौत के मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
इस मामले में अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग के अलावा नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा तथा प्रबीन बैश्य भी आरोपी हैं। मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से चार पर हत्या के आरोप हैं। दोनों निजी सुरक्षा अधिकारियों को सितंबर में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जमानत मिल चुकी थी, लेकिन जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में वे अब भी जेल में हैं। मामले की सुनवाई मोरीगांव की विशेष फास्ट ट्रैक सत्र अदालत में चल रही है।

जुबीन गर्ग की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई थी?
जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में हुई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे संस्करण में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे। उनकी मौत के बाद असम में 60 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं। इसके बाद असम पुलिस के अपराध जांच विभाग के तहत विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच की। एसआईटी ने दिसंबर में स्थानीय अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया। इस मामले में असम सरकार का कहना है कि सिंगापुर पुलिस की जांच के निष्कर्ष यहां चल रहे मामले को प्रभावित नहीं करेंगे।
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सिंगापुर पुलिस की जांच में क्या सामने आया था?
जुबीन गर्ग की मौत की जांच सिंगापुर पुलिस ने भी अलग से की थी। उसकी जांच में किसी साजिश या गलत काम के सबूत नहीं मिलने की बात कही गई। सिंगापुर की एक अदालत ने भी कहा था कि गायक ने बहुत अधिक नशा कर रखा था और लाइफ जैकेट पहनने से इनकार करने के बाद लाजरस द्वीप के पास समुद्र में डूब गए थे। हालांकि, असम में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य विधानसभा में जुबीन गर्ग की मौत को ‘सीधी और स्पष्ट हत्या’ बताया था। इस तरह मामले में सिंगापुर की जांच के निष्कर्ष और असम में लगाए गए आरोप अलग-अलग हैं। अब दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद शिकायतकर्ता वकील ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।

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