पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिला परिषद के अध्यक्ष को जिले की योजना बनाने का पूरा अधिकार दिया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के पालघर जिले में नवनीतभाई शाह स्मारक व्याख्यान को संबोधित करते हुए अय्यर ने शुक्रवार को यह बयान दिया।
जिला परिषद अध्यक्ष के मार्गदर्शन के लिए हो अधिकारियों की नियुक्ति
पूर्व केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष को मार्गदर्शन के साथ-साथ पर्याप्त धन और धन का उपयोग करने की स्वतंत्रता देने के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया जाना चाहिए।
'स्थानीय निकायों का नेतृत्व कर रहीं महिलाएं'
उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था ने तीस साल पूरे कर लिए हैं और महिलाएं पालघर समेत कई स्थानीय निकायों का नेतृत्व कर रही हैं।
विधायकों-मंत्रियों से राज्य स्तर के नीतिगत फैसले लेने की उम्मीद
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि विधायकों और मंत्रियों को जिला योजना में महत्वपूर्ण भूमिका क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि उसने राज्य स्तर पर नीतिगत फैसले लेने की उम्मीद की जाती है।
उन्होंने कहा कि जिलों के विकास कार्यों की योजना जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा बनाई जानी चाहिए और उसी के अनुसार उनका वितरण किया जाना चाहिए।
स्थानीय निकायों को मजबूत करने के हों सभी प्रयास
अय्यर ने आगे बताया कि वर्तमान में पंचायती राज व्यवस्था के केवल 20 प्रतिशत घटकों को ही लागू किया जा रहा है और स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए सभी स्तरों पर सभी प्रयास किए जाने चाहिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर सकती हैं प्रयास
कांग्रेस नेता ने कहा कि पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996 को देश में प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो आदिवासी समुदाय से हैं, अधिनियम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए प्रयास कर सकती हैं।