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Zoho: एआई से अपनी भाषा में पढ़ेंगे छात्र, 30 सेकंड में कोर्स तैयार करेंगे शिक्षक; जोहो क्लासेज 2.0 लॉन्च

Thu, 16 Jul 2026 05:49 AM IST
Devesh Tripathi अमर उजाला ब्यूरो, चेन्नई

सार

जोहो ने भारत में एआई आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम ‘जोहो क्लासेज 2.0’ लॉन्च किया है, जो शिक्षकों और छात्रों के लिए पढ़ाई को अधिक सरल और प्रभावी बनाने पर केंद्रित है। यह मंच 22 भाषाओं में शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराता है और एआई की मदद से कुछ ही सेकंड में पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री, क्विज और असाइनमेंट तैयार कर सकता है। सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और 100 तक छात्रों वाले शिक्षकों के लिए इसे बिना लाइसेंस शुल्क उपलब्ध कराया गया है।
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जोहो क्लासेज 2.0 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के महत्व को देखते हुए जोहो ने बुधवार को जोहो क्लासेज 2.0 के लॉन्च की घोषणा की है। यह भारत में निर्मित एआई संचालित एकेडमिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम है।
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एजुकेशनल तकनीक तक पहुंच आसान बनाने के लिए इसे केंद्र और राज्य सरकार के विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बिना किसी लाइसेंसिंग शुल्क के उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 100 की संख्या तक छात्रों वाले शिक्षक भी इस प्लेटफार्म को बिना किसी शुल्क के इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, निजी शैक्षणिक संस्थानों को इसका सब्सक्रिप्शन प्लान लेना होगा।

छात्रों को होगा क्या फायदा?
जोहो में उत्पाद प्रबंधन के उपाध्यक्ष देव आनंद रामासामी ने बताया कि इसमें एआई ट्यूटर, इंटरैक्टिव क्विज और कोर्स मॉड्यूल जैसे कई एआई लर्निंग टूल्स हैं। यह 22 भाषाओं में सपोर्ट करता है। छात्र अपनी भाषा में ही एआई संचालित शिक्षण, मूल्यांकन और पाठ्य सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।
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देव आनंद ने कहा, एआई कोर्स बिल्डर शिक्षकों को किसी भी सिलेबस, विषय या पाठ्य योजना को 30 सेकंड से भी कम समय में एक सुव्यवस्थित कोर्स में बदल देता है। पाठ की रूपरेखा, अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, आदि खुद तैयार करता है। इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर वीडियो के भीतर नोट्स बनाने के साथ ही एक लाख से अधिक पाठ्यक्रम टेम्पलेट्स का उपयोग कर सकते हैं।

शिक्षकों को भी होगा लाभ
इससे शिक्षकों का समय बचेगा और वह विद्यार्थियों का अधिक मार्गदर्शन कर पाएंगे। इस प्लेटफार्म का खास फीचर यह भी है कि नामांकन से लेकर पाठ्यक्रम पूरा होने तक प्रत्येक विद्यार्थी पर नजर रखता है। एआई की मदद से पिछड़ रहे विद्यार्थियों को पहचान कर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल इसे भारत में लॉन्च किया गया है। आने वाले समय में इसे दुनिया भर में लॉन्च करने की योजना है।

यह प्लेटफार्म राष्ट्रीय शिक्षा नीति के डिजिटल शिक्षण, बहुभाषी शिक्षा और आउटकम-आधारित शिक्षण लक्ष्यों को सपोर्ट करने के साथ ही NAAC, NBA, UGC जैसी संस्थाओं के लिए रिपोर्टिंग को सरल बनाता है। प्लेटफार्म लॉन्च के अवसर पर जोहो के सीईओ मणि वेम्बु ने कहा, तकनीक को स्थानीय जरूरतों और विविध शिक्षण परिवेशों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए, इस बात को ध्यान रखते हुए यह प्लेटफार्म तैयार किया गया है। इसकी मदद से संस्थान तकनीक का उपयोग कर सीखने के नतीजों को बेहतर बना सकेंगे।  
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