सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोषी का तबादला कर दिया गया है। उन पर आरोप था कि जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए विवाद में उनकी भूमिका ठीक नहीं रही। इस वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना-राष्ट्रवादी पार्टी (एनसीपी) गठबंधन के नेताओं ने उनकी आलोचना की थी। वह भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के उन नौ अधिकारियों में शामिल हैं, जिनका तबादला राज्य सरकार ने सोमवार को किया।
मामले को जानिए एक नजर में-
■ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सतारा में रैली से कुछ घंटे पहले राज्य के गृह विभाग ने आदेश जारी किया।
■ करीब एक महीने पहले सतारा में जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव को लेकर विवाद हुआ था।
■ शिवसेना नेताओं ने जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव के दौरान पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।
■ यह चुनाव 20 मार्च को हुआ था और भाजपा उम्मीदवार विजयी रही थीं।
तुषार दोषी को निलंबित करने का दिया था आदेश
मंत्री शंभूराज देसाई (शिवसेना) और मकरंद पाटिल (एनसीपी) ने भी आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की थी। इसके बाद महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने एसपी तुषार दोषी को निलंबित करने का आदेश दिया था। हालांकि, बाद में विधान परिषद परिषद के सभापति राम शिंदे ने कहा कि निलंबन आदेश को कानूनी और सांविधानिक विशेषज्ञों की राय के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सांगली किया गया तुषार दोषी का तबादला
सोमवार को गृह विभाग ने तुषार दोषी का तबादला सांगली कर दिया और उनकी जगह संदीप घुगे को सतारा का नया एसपी बनाया गया। गढ़चिरौली के एसपी निलोत्पल को कोल्हापुर भेजा गया है, जहां उन्हें पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। गढ़चिरौली के अतिरिक्त एसपी एम रमेश को वहीं एसपी पद पर पदोन्नत किया गया।
कोल्हापुर, जलगांव और धुले के एसपी का कहां हुआ तबादला?
कोल्हापुर के एसपी योगेश गुप्ता को पदोन्नति देकर गढ़चिरौली रेंज का डीआईजी बनाया गया है। जलगांव एसपी एम महेश्वर रेड्डी को पुणे सीआईडी में एसपी बनाया गया है। उनकी जगह धुले के एसपी श्रीकांत धीवरे को जलगांव भेजा गया है। पुणे के डीसीपी राजकुमार शिंदे को वाशिम का एसपी बनाया गया है।
रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?
सतारा में रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि जिले में जो कुछ हुआ वह 'निम्न स्तर की राजनीति' है। उन्होंने कहा कि जब किसी कार्यकर्ता का अपमान होता है तो शिवसैनिक जाग जाता है और फिर क्या होता है यह सब जानते हैं। भाजपा का नाम लिए बिना शिंदे ने कहा कि सतारा में निम्न स्तर की राजनीति की गई है और लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सतारा संस्कृति और परंपरा की भूमि है और ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सतारा जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गईं थी प्रिया शिंदे
इस चुनाव में भाजपा की प्रिया शिंदे सतारा जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गईं। जबकि संख्या में शिवसेना-एनसीपी गठबंधन आगे था। शिंदे ने इस घटना पर नाराजगी जताई। सोमवार को शिंदे ने कहा कि वह सीधे स्वभाव के हैं और हिसाब बराबर करने में बहुत अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि उनका तरीका सकारात्मक और व्यावहारिक है और जो उन्हें उकसाता है, उसे वह जवाब देना जानते हैं।
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कार्यकर्ताओं का ध्यान रखना जरूरी: एकनाथ शिंदे
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि वही किसी को विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री बना सकते हैं। शिंदे ने बताया कि सतारा में शिवसेना के पदों और सदस्यों की संख्या पहले से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहले तीन सदस्य थे, अब 15 सदस्य हैं। पंचायत समिति में 30 सदस्य और 39 पार्षद चुने गए हैं।
उन्होंने कहा कि अध्यक्ष कौन बने यह महत्वपूर्ण नहीं है, शिवसेना लोगों के दिलों में बसती है। शिंदे ने कहा कि वह जो वादा करते हैं, उसे पूरा करते हैं और छवि सबसे अहम होती है। उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया।