बाल श्रम पर वैसे तो पूरे देश में रोक है, लेकिन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक बयान जारी कर कहा है कि 50 धार्मिक स्थानों पर इसे लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
इनमें कुंभ मेले, ताजमहल, ऋषिकेश सहित पुरी जगन्नाथ और हाजीअली दरगाह जैसी जगहें शामिल हैं। बुधवार को आयोग ने कहा कि इन जगहों पर बाल श्रम रोकने के लिए आयोग सीधा हस्तक्षेप करेगा।
इसके लिए धार्मिक स्थानों के ट्रस्ट, एनजीओ व सरकार एजेंसियों सहित विभिन्न भागीदारों से समन्वय किया जा रहा है। देश में ऐसे 50 स्थानों की पहचान की गई है, जहां बालश्रम पूरी तरह रोका जाएगा।
इनमें बोध गया और खजुराहो भी शामिल हैं। इन बच्चों को खराब हालात से निकालने के लिए डिजिटल माध्यमों से भी सूचनाएं ली जाएंगी। लोगों को खुद मामले रिपोर्ट करने के लिए कहा जाएगा।
देश की छवि बिगड़ती है
आयोग के अनुसार इन जगहों पर बाल श्रम, उनसे भीख मंगवाना, सड़कों पर रखना आदि न केवल बच्चों का शोषण है बल्कि यह देश की छवि भी बिगाड़ता है। बच्चाें व उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।