मलयेशिया के विदेश मंत्री जाम्ब्री अब्द कादिर अपनी पहली भारत यात्रा पर पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। गौरतलब है कि मलयेशिया के विदेश मंत्री का यह दो दिवसीय दौरा विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर हो रहा है।
इस दौरान वे छठी भारत-मलयेशिया संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। संयुक्त आयोग की बैठक 07 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच समग्र रूप से सहयोग के विस्तार की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा।
इससे पहले, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि कादिर की यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर साबित होगी।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 7 नवंबर को संयुक्त आयोग की बैठक में मलयेशया के साथ राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों में उन्नत रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है बैठक
आपसी हित के क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। यात्रा के आधिकारिक कार्यक्रम में मंगलवार को उपराष्ट्रपति धनखड़ के साथ बैठक, उसके बाद हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक शामिल है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा महत्वपूर्ण राजनयिक महत्व रखती है, क्योंकि यह भारत और मलयेशिया के बीच मौजूदा संबंधों को मजबूत करने और आपसी हित के विभिन्न द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करती है।