भगोड़े जाकिर नाईक के पीस टीवी मोबाइल एप, पीस टीवी के नाम से यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर सरकार शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पीस टीवी पर प्रतिबंध लगाने के बाद, सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए जाकिर नाईक पीस टीवी मोबाइल एप और सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ वीडियो अपलोड कर रहा है। गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक पीस टीवी बैन किए जाने के बावजूद जाकिर नाईक देश के युवाओं को कट्टरपंथी जेहादी बनाने की साजिश में लगा है।आईबी की गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है।