सरकार विवादास्पद धार्मिक उपदेशक जाकिर नाईक और उनकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के खिलाफ जल्द कार्रवाई का फैसला लेगी। गृह मंत्रालय की अंदरूनी लिखा-पढ़ी में आईआरएफ को गैरकानूनी गतिविधियों और सांठगांठ की साजिश के तहत आरोपी बनाया जा सकता है।
नाईक पर तैयार की गई फाइल में लिखा है कि उनका भाषण भड़काऊ और समाज में भेद पैदा करने वाला है। जुलाई में ढाका धमाके के एक आतंकी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि वह जाकिर नाईक से प्रभावित है। इसके बाद नाईक सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आया। लेकिन इस घटना के समय वह सऊदी अरब में था और अब तक लौटकर नहीं आया है।
नाईक ने विभिन्न माध्यमों से अपनी सफाई देने की कोशिश की है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उनके भाषणों की रिकॉर्डिंग की जांच की और पाया कि वह भाषण भड़काऊ और युवाओं को भ्रमित करने वाला है। एजेंसियों की जांच के आधार पर अब सरकार जल्द की कार्रवाई का फैसला करेगी।