फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाकिर नाईक को सता रहा गिरफ्तारी का डर, नहीं लौटा भारत

Tue, 12 Jul 2016 10:05 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुंबई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विवादास्पद कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक गिरफ्तारी के डर से सोमवार को स्वदेश वापस नहीं लौटा। अब कब तक नाईक की घर वापसी होगी यह भी तय नहीं है। नाईक सोमवार को सऊदी अरब से भारत लौटने वाला था और मंगलवार को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में उसकी प्रेसवार्ता होनी थी लेकिन यह पत्रकार वार्ता भी रद्द कर दी गई है।
विज्ञापन


इस बीच, विदेश से जारी बयान में जाकिर ने कहा कि अभी तक किसी भी भारतीय सरकारी एजेंसी ने मेरे खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में मुझसे संपर्क नहीं किया है। जाकिर ने कहा कि वह अपने खिलाफ लगे आरोपों की जांच में भारतीय जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी सहित इंडियन यूनिव मुस्लिम लीग जैसे संगठन जाकिर के समर्थन में आ गए हैं। ऐसे में अब यह सवाल किया जाने लगा है कि क्या उसे गिरफ्तार किया जाएगा? जाकिर नाईक इन दिनों सऊदी अरब में है। बताया जाता है कि वह वहां उमरा करने गया था।
विज्ञापन


बांग्लादेश के ढाका में आतंकी हमले में शामिल पांच आतंकियों में से दो के नाईक के भाषणों से प्रभावित होने की बात सामने आने के बाद से ही जाकिर सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर है। जाकिर सऊदी से लौटकर मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस कर उन मुद्दों पर अपनी सफाई देने वाला था जिनके कारण उसकी आलोचना हो रही है।

उसके बाद खबर आई कि स्काइप के जरिये प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेगा, जिसमें मुंबई के कुछ प्रमुख नागरिक भी जाकिर की तरफ से उपस्थित होने वाले थे। जाकिर के सोमवार की सुबह 8 बजे मुंबई पहुंचने की संभावना के मद्देनजर उसके डोंगरी स्थित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के कार्यालय और घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

लेकिन, वह नहीं आया। इस बीच जाकिर के एक सहयोगी ने कहा है कि जाकिर के दो-तीन सप्ताह तक भारत लौटने की संभावना नहीं है।

दूसरी तरफ, जाकिर ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर लोगों से समर्थन की भी अपील की है। उसका कहना है कि भारत में उसके खिलाफ मीडिया ट्रायल  शुरू है जबकि वह आतंकी हमलों के लिए कसूरवार नहीं है। मुंबई पुलिस और जांच एजेंसियां जाकिर के एनजीओ की विदेशी फंडिंग और विवादित भाषणों की जांच कर रही हैं। इसके अलावा मुंबई में उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा भी दर्ज है।
Trending Videos

शिवसेना की मांग - जाकिर को गिरफ्तार किया जाए

शिवसेना चाहती है कि जाकिर नाईक को गिरफ्तार किया जाए। सोमवार को शिवसेना ने अपने मुखपत्र में यह मांग की है। शिवसेना का कहना है कि जाकिर का सामाजिक कार्य जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की तरह है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र की संपादकीय में कहा है जिस तरह पाकिस्तान में रह रहे मसूद अजहर जैसे उन्मादी खुलेआम जहर उगलते हैं, उसी तरह जाकिर जैसे लोग सामाजिक कार्य की आड़ में अपने इरादों को अंजाम देते हैं।

ढाका में नरसंहार के बाद उसके शांति के उपदेशों की असलियत उजागर हो गई है। इसलिए जाकिर को गिरफ्तार कर उसी कोठरी में रखें जहां कसाब रखा गया था। शिवसेना ने कहा है कि जाकिर नाईक के वित्तीय स्रोतों की समस्त मशीनरी को नष्ट कर देना चाहिए।
विज्ञापन

जाकिर नाईक के समर्थन में उतरे सपा नेता अबू आजमी

कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक को लेकर सियासत शुरू हो गई है। अब समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी नाईक के समर्थन में खड़े हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि नाइक की वजह से कई धर्मों के लोग इस्लाम से जुड़े हैं। इसलिए उनको बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने हिंदू संगठन सनातन संस्था पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। आजमी ने सवाल उठाया है कि नाईक 25 साल से उपदेशक हैं। अगर वे आतंकवादियों को प्रेरित कर रहे हैं तो उन पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज से जांच करवानी चाहिए और नाईक के खिलाफ चल रहे मीडिया ट्रायल को तुरंत खत्म करना चाहिए। आजमी ने कहा, जस्टिस श्रीकृष्णा या फिर राजेंद्र सच्चर जैसे किसी गैर मुस्लिम जज से जांच शुरू कर देनी चाहिए। सच सामने आ जाएगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें