हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष जाकिर नाईक को भारी पड़ने वाली है। सितंबर 2012 में नाईक के खिलाफ दर्ज हुए मामले में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी लेकिन मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अब इन्हीं मामलों के आधार पर पुलिस नाईक पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
भगवान गणेश के खिलाफ टिप्पणी के मामले में हिंदू जनजागृति समिति और सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों ने नाईक के खिलाफ मुंबई, पुणे और पनवेल के पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
नाईक ने कथित तौर पर फेसबुक और यूट्यूब के जरिए हिंदुओं को चुनौती दी थी कि वे गणेश को भगवान साबित करके दिखाएं। इतना ही नहीं, नाईक के खिलाफ कई बार धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगे। लेकिन, पुलिस ने कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश के बाद नाईक के भाषणों की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने उनके डोंगरी स्थित आईआरएफ कार्यालय से कुछ सीडी और दूसरे कागजात भी जब्त किए हैं। इसके अलावा इंटरनेट पर मौजूद नाईक के भाषणों की जांच की जा रही है।
नाईक पर न सिर्फ हिंदू देवी-देवताओं, बल्कि ईसाईयों के ईसा मसीह और सिखों के गुरू नानक का अपमान करने का भी आरोप है। नाईक को अब यह टिप्पणी परेशान कर सकती है। दरअसल, नाईक इस्लाम की कट्टरपंथी वहाबी विचारधारा को मानते हैं और इसी का प्रचार-प्रसार करते हैं।