संगीत के क्षेत्र में जिन 11 कलाकारों को चुना गया है उनके नाम हैं- मणि प्रसाद, मधुप मुद्गल (हिंदुस्तानी संगीत), तरुण भट्टाचार्य (संतूर), तेजेंद्र नारायण मजूमदार (सरोद), अलामेलू मणि, मल्लादी सूरीबाबू (कर्नाटक संगीत), एस. कासिम और एस. बाबू (संयुक्त पुरस्कार नादस्वरम), गणेश और कुमारेश (संयुक्त पुरस्कार वायलिन), सुरेश वाडकर, शांति हीरानंद (सुगम संगीत), एच. अशंगबी देवी (नट संकीर्तन)।
नृत्य के क्षेत्र में भरतनाट्यम के लिए राधा श्रीधर, कथक के लिए इशिरा और मौलिक शाह (संयुक्त पुरस्कार), मणिपुरी के लिए अखम लक्ष्मी देवी, कुचीपुड़ी के लिए पसुमूर्ति रामलिंग शास्त्री, ओडिसी के लिए सुरूप सेन, सत्रिया के लिए टंकेश्वर हजारिका बोरबयान, मोहिनीअट्टम के लिए गोपिका वर्मा, छऊ के लिए तपन कुमार पटनायक, समकालीन नृत्य के लिए दीपक मजूमदार को चुना गया है।
रंगमंच के क्षेत्र में नाट्य लेखन के लिए राजीव नाईक और लल्टुलांग्लियाना खियांगटे, निर्देशन के लिए संजय उपाध्याय और एस. रघुनंदन, अभिनय के लिए सुहास जोशी और टीकम जोशी, मूक अभिनय के लिए स्वप्न नंदी, रंगमंच की अन्य प्रमुख परम्पराओं के लिए भगवत ए. एस. नन्जप्पा (यक्षगान), कुटियट्टम के लिए ए.एम. परमेश्वरन कुट्टन चक्कीयार शामिल हैं।
पारंपरिक / लोक / जनजातीय संगीत / नृत्य / रंगमंच और कठपुतली के क्षेत्र में मालिनी अवस्थी (लोक संगीत, उत्तर प्रदेश), नरेंद्र सिंह नेगी (लोक गीत, उत्तराखंड), गाजी खान बरना (खरताल, राजस्थान), मो. सादिक भगत (भांड पाथेर जम्मू-कश्मीर), कोटा सच्चिदानंद शास्त्री (हरिकथा, आंध्र प्रदेश), अर्जुन सिंह ध्रुवे (लोक नृत्य, मध्य प्रदेश), सोमनाथ बट्टू (लोक संगीत, हिमाचल प्रदेश) अनुपमा होसकरे (कठपुतली , कर्नाटक), हेम चंद्र गोस्वामी (मुखौटे बनाना, असम)