मुंबई अंडरवर्ल्ड के मिनी डॉन के रूप में कुख्यात बदमाश जफर सुपारी को ठिकाने लगाने की सुपारी लेने वाले शूटर विजय सिंह ने बुधवार को पुलिस को चकमा देकर गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विजय सिंह पर छोटा राजन गैंग के सबसे खास जफर सुपारी की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की सुपारी लेने का आरोप है। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गत 16 जनवरी को महाराष्ट्र पुलिस की सात सदस्यीय टीम हर्रैया थाने पहुंची थी। जब उसने कोहले निवासी विजय सिंह के कारनामों की जानकारी दी तो सभी सन्न रह गए। स्थानीय पुलिस के साथ उसके घर भी दबिश डाली गई। महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर आनंद मुदलियर ने बताया था कि विजय ने जिन चार गुर्गों को जफर सुपारी की हत्या के लिए भेजा था, वे चारों पकड़े गए हैं।
उनमें गोंडा के मनकापुर निवासी सलमान खान, वहीं के मालवीय नगर निवासी नौशाद अली, तरबगंज के पूरे अर्जन निवासी दिग्विजय सिंह और मुंबई के नागपाड़ा निवासी मोइनुद्दीन अंसारी शामिल थे। विजय की गिरफ्तारी में नाकाम होने पर उसे वांछित घोषित कर दिया गया। उसे पकड़ने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ कई टीमें पिछले कई महीने से फैजाबाद, बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर आदि जनपदों में कैंप करती रहीं, मगर कामयाबी नहीं मिली।
क्या है पूरा प्रकरण
अंबेडकर नगर निवासी कुख्यात माफिया मुबारक खान का सगा भाई जफर खान उर्फ अब्बास मलिक मुंबई के कुर्ला में रहकर छोटा राजन के लिए काम करता था। 2010 में उसने अपना गैंग बनाया और सुपारी लेकर कत्ल करने लगा। जिससे उसका नाम जफर सुपारी हो गया। अंबेडकर नगर के हसवर थाना क्षेत्र के नसीराबाद निवासी मेंहदी से जफर के भाई खान मुबारक की पुरानी दुश्मनी है।
इसी रंजिश में अप्रैल 2015 में खान मुबारक के गुर्गों ने अंबेडकर नगर के परसावा गांव में मेंहदी पर अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन वह बच गया। इस मामले में खान मुबारक को पकड़ा गया और उस पर एनएसए लगा दिया गया। तब से वह जेल में है। इसी दुश्मनी में मेंहदी से जफर सुपारी की ठन गई। इसी दौरान विजय सिंह मेंहदी के संपर्क में आया और उसने जफर को मारने के लिए विजय को सुपारी दे दी।