आंध्र प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाईएसआरसीपी नेता विदादाला रजनी और एक आईपीएस अधिकारी पी जोशुआ के खिलाफ जबरन वसूली के मामले में केस दर्ज किया है।
आंध्र प्रदेश की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने वाईएसआरसीपी नेता विदादाला रजनी, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी जोशुआ और अन्य के खिलाफ 2.2 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के आरोप में केस दर्ज किया है। यह कथित वसूली पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान एक स्टोन-क्रशिंग व्यवसायी से की गई थी।
कैसे हुई वसूली?
पुलिस के अनुसार, यह घटना तब की है जब आंध्र प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी। उस समय स्टोन-क्रशिंग व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति से विजिलेंस जांच के नाम पर 5 करोड़ रुपये मांगे गए थे। मामले में रजनी के सहायक एडी रामकृष्णा ने सबसे पहले 5 करोड़ रुपये की मांग की। इसके एक महीने बाद आईपीएस अधिकारी पी जोशुआ ने अनधिकृत निरीक्षण किया। इस दबाव के बाद व्यवसायी ने 2.2 करोड़ रुपये दे दिए।
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जबरन वसूली के मामले में कौन-कौन आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में चार लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसमें वाईएसआरसीपी की पूर्व मंत्री विदादाला रजनी, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी जोशुआ, पूर्व मंत्री रजनी के पति वी. गोपी और रजनी के सहायक एडी रामकृष्णा के नाम शामिल है।
आरोपियों पर किन धाराओं में केस हुआ दर्ज?
इस मामले में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली से जुड़े कानूनों के तहत केस दर्ज किया गया है। जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए (रिश्वतखोरी से जुड़ी धाराएं), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 384 (जबरन वसूली) और धारा 120बी (आपराधिक साजिश) शामिल है। फिलहाल, एसीबी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।