आंध्र प्रदेश के गुंटूर में YSRCP नेता अंबाटी रामबाबू के घर पर हुए हमले के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। YSRCP ने हमले का आरोप TDP पर लगाया है, जिसके बाद पार्टी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी उनसे मिलने पहुंचे।
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाटी रामबाबू के आवास पर कथित तोड़फोड़ के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस घटना के बाद वाईएसआर के नेता और कार्यकर्ता उनके आवास पर जमा हो गए। वाईएसआर ने इस हमले के लिए सत्ताधारी TDP को जिम्मेदार ठहराया है। बुधवार को वाईएसआर प्रमुख जगन मोहन रेड्डी भी विजयवाड़ा से गुंटूर पहुंचे। उन्होंने अंबाटी रामबाबू के परिवार से मुलाकात की और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया।
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TDP पर लगाया सीधा आरोप
पोन्नूर से YSRCP के संयोजक अंबाटी मुरली ने आरोप लगाया कि यह हमला मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के इशारे पर किया गया है। उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश में मानवाधिकार का क्या होगा? जब जाने-माने लोगों पर सत्ता पक्ष हमला कर रहा है, तो आम आदमी का क्या होगा?"
मुरली ने आगे सवाल उठाया कि क्या आंध्र प्रदेश में लोकतंत्र बचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कि TDP के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अंबाटी रामबाबू के घर और दफ्तर पर हमला किया। YSRCP के कई अन्य नेताओं ने भी इस घटना की निंदा की है।
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कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
YSRCP नेता कोना रघुपति ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्पष्ट विफलता बताया। उन्होंने कहा, "हम देख रहे हैं कि कैसे राज्य सरकार गलत प्रचार को ढक रही है। हमारे नेताओं के घरों पर भीड़ भेजी जा रही है। केंद्र सरकार को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।"
YSRCP प्रवक्ता महबूब शरीफ ने कहा, "जब से यह सरकार सत्ता में आई है, YSRCP नेताओं पर हमले हो रहे हैं। यह सब सीएम चंद्रबाबू नायडू के राज में हो रहा है। यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है।"