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IYC Row: एआई समिट में शर्टलेस विरोध पर यूथ कांग्रेस ने किया बचाव, महात्मा गांधी की तस्वीर साझा कर दी सफाई

Sat, 21 Feb 2026 03:00 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ‘शर्टलेस’ विरोध के बाद इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने प्रदर्शन को सही ठहराया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया। घटना के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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भारत मंडपम में भारतीय युवा कांग्रेस का प्रदर्शन - फोटो : X @IYC
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विस्तार
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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए ‘शर्टलेस’ विरोध के एक दिन बाद इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने प्रदर्शन का बचाव किया है। संगठन ने महात्मा गांधी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि हम गांधी के वंशज हैं। शर्टलेस ही सही। कल भी लड़ रहे थे, आगे भी लड़ते रहेंगे।

यूथ कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

एक अन्य पोस्ट में यूथ कांग्रेस ने कहा कि जब सत्ता सुनने से मना कर दे, तो युवा उठ खड़े होते हैं। वहीं केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संगठन ने लिखा  कि जब वे विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो यह देशभक्ति है। जब हम प्रोटेस्ट करते हैं, तो यह ‘नेशनल शेम’ है?

भाजपा की प्रतिक्रिया

यूथ कांग्रेस की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए के भाजपा राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने लिखा कि आप भारतीय समाज और भारत के विचार के लिए अनुपयुक्त साबित हो रहे हैं। आपके नैतिक और शालीन पतन को देखकर महात्मा गांधी की आत्मा पीड़ा से व्याकुल होगी।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंदर घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, महंगाई और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने समिट स्थल के भीतर अपनी शर्ट उतारकर इंडिया एआई समिट के डिस्प्ले बोर्ड के सामने नारे लगाए और तस्वीरें खिंचवाईं। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और परिसर से बाहर ले जाया गया, ताकि अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कोई व्यवधान न हो।

इस समिट में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल थे, जिसके चलते घटना ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की। सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने इसे वैश्विक मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार करार दिया। यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट और विरोध प्रदर्शन के बाद देश में तकनीक, राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है।

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