स्वयभूं गौ रक्षकों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी विश्व हिंदू परिषद को नागवार गुजरी है। परिषद ने बीजेपी को 2019 के चुनावों में सबक सिखाने की धमकी दी है।
हालांकि यह विश्व हिंदू परिषद का आधिकारिक बयान नहीं है। वीएचपी की गुजरात यूनिट ने प्रधानमंत्री के बयान को चौंकाने वाला और गौ रक्षकों का अपमान बताया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने टाउनहॉल मीटिंग में कहा था कि 'ये असामाजिक तत्व रात में अपराधी होते हैं और दिन में गौ रक्षक बन जाते हैं।'
परिषद ने अपने बयान में कहा, 'हर साल एक लाख गायें हजारों कसाईयों के हाथों मारी जाती हैं और उन्हें गुंडा नहीं कहा जाता। दूसरी ओर गीता राम्भिया जैसे गौ रक्षकों को गुंडा कहा जा रहा है। ये बताता है कि आपका हृदय परिवर्तन हो गया है।'
'गौ रक्षकों का अपमान'
गौरतलब है कि राम्भिया की अहमदाबाद में कई साल पहले हत्या कर दी गई थी। वीएचपी ने गौ हत्या पर देश भर में प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने की मांग की है।
आगरा में हिंदू संगठन के ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने कहा कि मोदी की टिप्पणी से गौ रक्षकों को दुख पहुंचा है, इसकी कीमत उन्हें अगले लोकसभा चुनावों में चुकानी पड़ेगी।
पाराशर ने दावा किया कि वीएचपी एकमात्र संगठन है जो गौ रक्षा के लिए काम करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को एक सर्वे कराना चाहिए ताकि पता चल सके कि गौ रक्षा के नाम पर कौन गौ मांस की दुकान चला रहा है।
'वोट के लिए PM ने झांसा दिया'
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उन्होंने प्रधानमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ दोस्ताना रूख अपनाना बंद करें क्योंकि इसके एवज में उन्हें पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ सकती है।
इस बीच अखिल भारतीय हिंदू महासभा की अलीगढ़ शाखा ने प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया है। अलीगढ़ में हिंदू महासभा की प्रमुख पूजा शकुन पांडे ने कहा, 'मोदी को लोगों को बताना चाहिए कि गौ रक्षा के नाम पर कौन दुकान चला रहा है। उन्होंने गौरक्षा के नाम पर वोट के लिए लोगों को झांसा दिया।'