जो लोग फेसबुक पर बिना आगे-पीछे सोचे दिल से उठी आवाज को व्यक्त करते हैं वे तनावमुक्त रहते हैं। एक अध्ययन में कहा गया है कि मन की बात को व्यक्त नहीं करने वाले लोग ज्यादा तनाव में और खुद को समाज से अलग-थलग महसूस कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया की तस्मानिया यूनिवर्सिटी द्वारा किए अध्ययन में फेसबुक यूजर्स की सच्ची और ऑनलाइन पर्सनैलिटी, सामाजिक कनेक्शन, मानसिक रूप से स्वस्थ होने, अवसाद और तनाव का आकलन किया गया।
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि लोग अपनी ट्रू सेल्फ को फेसबुक पर बड़ी आसानी से व्यक्त कर सकते हैं जबकि व्यक्तिगत रूप से यह काम थोड़ा मुश्किल होता है।