76वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने खूब लोकप्रियता बटोरी। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और 76वें स्वतंत्रता दिवस पर गार्ड ऑफ ऑनर और प्रधानमंत्री के संबोधन के वीडियो यूट्यूब पर टॉप ट्रेंडिंग पोजीशन पर पहुंच गए। आम तौर पर केवल फिल्म और गानों के वीडियो ही यूट्यूब की टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शुमार होते हैं, लेकिन ये पीएम मोदी की लोकप्रियता ही है कि स्वतंत्रता दिवस पर उनका संबोधन यूट्यूब पर छाया रहा।
पीएम मोदी की लोकप्रियता बरकरार
यूट्यूब की इस टॉप ट्रेंडिग से पता चलता है कि देश पीएम मोदी की बातों को ध्यान से सुनता है। इसे ऐसे देखें कि पीएम मोदी के लाल किले पर गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने वाले वीडियो को 20 मिलियन बार देखा गया है। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा पीएम के द्वारा तिरंगा फहराने के दूसरे वीडियो को मंगलवार शाम तक 4.4 मिलियन से अधिक बार देखा गया है।
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी के भाषण का वीडियो भी ट्रेंडिंग लिस्ट में टॉप छह में था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल यूट्यूब पेज पर शेयर किए गए पीएम मोदी के पूरे भाषण को 1.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा।
सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम
गौरतलब है कि लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 9वीं बार संबोधित किया था। सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में करीबन 7000 लोग शामिल हुए थे। वहीं, इस मौके पर लाल किले पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से टाइट कर दी गई थी।
अपने संबोधन में क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में कोरोना लॉकडाउन के दौरान जनता कर्फ्यू और थाली-ताली अभियान के आलोचकों का करारा जवाब दिया। उन्होंने देश में आजादी के अमृत वर्ष में चलाए जा रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सामूहिक चेतना का पुर्नजागरण हुआ है। ये चेतना का जागरण ये हमारी सबसे बड़ी अमानत है।'
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, 'देश का हर नागरिक बदलाव देखना चाहता है, लेकिन उसे इंतजार नहीं चाहिए। अपनी ही आंखों के सामने देश का नागरिक सपनों को पूरा होते देखना चाहता है। कुछ लोगों को इसके कारण संकट हो सकता है, लेकिन जब आकांक्षी समाज होता है तो सरकारों को भी तलवार की धार पर चलना पड़ता है। चाहे केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार हो, सभी को इस समाज की चिंता करनी होगी। उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम इंतजार नहीं कर सकते। इस समाज ने लंबे अरसे तक इंतजार किया है, लेकिन अब वह अपनी आने वाली पीढ़ी को इंतजार करने के लिए मजबूर करने को तैयार नहीं है। इसलिए अमृत काल की पहली प्रभात आकांक्षी समाज के सपने को पूरा करने का सुनहरा अवसर देती है। हमने पिछले दिनों देखा कि भारत में कैसे सामूहिक चेतना पुनर्जागरण हुआ।'
भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की जोरदार वकालत की। उन्होंने लोगों के "दिन-प्रतिदिन के बोलने के व्यवहार में विकृति" पर अपनी पीड़ा व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं का अपमान करने वाले शब्दों का इस्तेमाल लापरवाही से किया जाता है।