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पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी का पायलट परीक्षण अगले माह से

Mon, 12 Jun 2017 06:15 AM IST
शिशिर चौरसिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट्रोल पंप - फोटो : SELF
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पेट्रोल और डीजल की होम डिलीवरी के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय पिछले कई महीनों से होमवर्क कर रहा है। इस दिशा में काफी खोज-बीन हो चुकी है। उम्मीद है कि इस योजना का पायलट परीक्षण अगले महीने से शुरू हो जाए। यह जानकारी मंत्रालय के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों से मिली है।
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उल्लेखनीय है कि पेट्रोल पंपों पर लगने वाली लाइनों से निजात दिलाने तथा दूर-दराज के इलाकों में आसानी से पेट्रोल-डीजल की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार इन ईंधनों की होम डिलीवरी की योजना बना रही है। इससे पहले सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज तय करने के फॉर्मूले को अमली जामा पहना चुकी है।

होम डिलीवरी की योजना कैसे काम करेगी, यह पूछने पर बताया गया कि एलपीजी गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी की तरह ही पेट्रोल-डीजल की भी होम डिलीवरी होगी। इसके लिए दो तरीके अपनाए जा सकते हैं- पहला, मोबाइल पेट्रोल या डीजल डिस्पेंसर के जरिए घर-घर ईंधन की डिलीवरी हो और दूसरा यह कि एलपीजी की तरह पेट्रोल या डीजल को भी सील बंद कंटेनर में पैक किया जाए।
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कुछ मसलों पर अटकी है योजना

मंत्रालय के ही एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की होम डिलीवरी पर दो मसले मुख्य रूप से चिंतित कर रहे हैं। पहला, इसमें सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और दूसरा कि इसमें भी घटतौली हो गई तो उससे निबटने के लिए क्या किया जाएगा। उनके मुताबिक पेट्रोल और डीजल बेहद ज्वलनशील ईंधन हैं और इन्हें किस तरह के वाहन में होम डिलीवरी के लिए भेजा जाए, इसके लिए कई विकल्पों पर विचार हो रहा है।

कई देशों में हैं पेट्रोल-डीजल के लिए मोबाइल डिस्पेंसर
अधिकारी का कहना है कि दुनियाभर के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के लिए मोबाइल डिस्पेंसर उपलब्ध हैं। यहां चूंकि अभी तक इस तरह पेट्रोल-डीजल बेचने की नीति नहीं बनी है, इसलिए इस दिशा में प्रगति नहीं हुई है। एक बार जब नीति बन जाएगी तो सब कुछ हो जाएगा।

शुरुआत में बड़े उपभोक्ता होंगे लक्ष्य
उनके मुताबिक शुरुआत में डीजल या पेट्रोल के बड़े उपभोक्ताओं को लक्ष्य कर इस योजना की शुरुआत की जाएगी। जैसे कोई बड़ा किसान है और खेती के मौसम में हर सप्ताह 500 लीटर डीजल की जरूरत है। वह इसके लिए सब काम छोड़ कर शहर जाकर डीजल लाता है। इन्हें प्री-बुकिंग पर होम डिलीवरी मिलेगी। इसी तरह शहरों के औद्योगिक क्षेत्र में बड़े उपभोक्ताओं को भी होम डिलीवरी दी जा सकती है। ऐसा भी किया जा सकता है कि दूर-दराज के इलाकों में सप्ताह के किसी एक दिन के लिए किसी एक गांव का निर्धारण हो जाए कि इस दिन इस गांव में मोबाइल डिस्पेंसर आएगा, जो चाहे वहां आ कर पेट्रोल-डीजल ले सकता है।
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