नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास
- फोटो : एक्स/भारत में अमेरिकी दूतावास
अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को लेकर अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को चेतावनी जारी की। दूतावास ने कहा कि किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर छात्रों को उनके देश से निकाला जा सकता है। अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट कहा कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष सुविधा है और वहां रहते हुए कानून तोड़ने पर गंभीर नतीजे हो सकते हैं।
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एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी दूतावास ने कहा, अमेरिकी कानून तोड़ने से आपके छात्र वीजा पर गंभीर असर पड़ सकता है। अगर आप गिरफ्तार होते हैं या किसी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है, आपको निर्वासित (डिपोर्ट) किया जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीजा मिलने से रोका जा सकता है। नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें। अमेरिकी वीजा एक सुविधा है, अधिकार नहीं।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब कुछ महीने पहले ट्रंप प्रशासन ने छात्र वीजा प्रक्रिया में बड़े बदलावों की घोषणा की थी। इनमें ज्यादा शुल्क, सोशल मीडिया की अनिवार्य जांच और छात्रों के अमेरिका में रहने की अवधि पर प्रस्तावित सीमा शामिल है। इन बदलावों का सीधा असर अमेरिका में पढ़ाई की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर पड़ने की संभावना है।
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इन बदलावों के केंद्र में 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल' है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार जुलाई 2025 को हस्ताक्षर किए थे। इस बिल के तहत 250 अमेरिकी डॉलर (यानी करीब 21,463 रुपये) की 'वीजा अखंडता शुल्क' और फॉर्म आई-94 के लिए 24 डॉलर (यानी लगभग 2,060 रुपये) का अनिवार्य शुल्क लगाया गया। फॉर्म आई-94 विदेशी नागरिकों की आवाजाही से जुड़ा एक अहम दस्तावेज है।
ट्रंप ने एच-1बी वीजा के लिए हर साल एक लाख अमेरिकी डॉलर का नया आवेदन शुल्क लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीय नागरिकों पर होगा, क्योंकि एच-1बी वीजा पाने वालों में उनकी संख्या सबसे अधिक है।