पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ आर-पार की सियासी लड़ाई लड़ रही भाजपा ने अब दीदी के खिलाफ सूबे का माहौल बनाने के लिए योगी के मंत्रियों को आगे करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिदार्थ नाथ सिंह पहले से ही ममता के खिलाफ कड़ा रूख अपनाने के लिए पहचाने जाते हैं। पार्टी आलाकमान ने अब रीता बहुगुणा जोशी, सुरेश राणा, एसपी सिंह बघेल और महेंद्र सिंह को भी पश्चिम बंगाल में ममता के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए भेजने का निर्णय लिया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ महासचिव के अनुसार पीएम मोदी के 3 साल पूरे होने पर भाजपा के जरिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के तहत सिदार्थ, रीता बहुगुणा जोशी, सुरेश राणा, एसपी सिंह बघेल और महेंद्र सिंह पश्चिम बंगाल जाएंगे। इसके अलावा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी और झारखंड की रघुवर सरकार के कुछ मंत्री भी बंगाल में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
यूपी-बिहार से जुड़े लोगों पर भाजपा की नजर
योगी के मंत्रियों को ममता के खिलाफ पश्चिम बंगाल भेज कर भाजपा सूबे में रह रहे यूपी-बिहार के लोगों को अपना संदेश देना चाहती है। यहां के कोयलरी क्षेत्रों में इन प्रदेशों के लोगों की संख्या बेहद बड़ी है। तो कलकता समेत बंगाल के तमाम बड़े शहरों में बिहार और पूर्वी यूपी के लोग भी भारी संख्या में हैं। पार्टी के एक नेता के अनुसार सूबे की राजनीति में जात-पात का असर बेहद कम है। उपर से पार्टी को बंगाली भाषी बड़े चेहरे की कमी भी खल रही है।
जबकि पीएम मोदी की लोकप्रियता के वजह से एक बड़ा तबका भाजपा की ओर मुतास्सिर हो रहा है। मगर अकेले इसके दम पर ममता को चुनावी पटकनी दे पाना बेहद मुश्किल काम है। यही वजह है कि पार्टी की नजर सूबे में रह रहे यूपी-बिहार से जुड़े लोगों पर है। योगी की हिन्दूवादी छवि का भी बंगाल की जनता पर बड़ा असर पड़ रहा है।