कांग्रेस तो बार-बार कह रही है कि मोदी सरकार लोगों से अच्छे दिन लाने का वायदा करके सत्ता में आई थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी। कांग्रेस के मुताबिक़ अब लोग पिछले दिनों को ही वापस लौटाने की बात करने लगे हैं। रविवार को योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी कहा कि वाकई पुराने दिन बहुत अच्छे थे और उन्हें अब भी वे दिन याद आते हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। इस बीच उन्होंने अपने उन पुराने दिनों को याद किया जब वे भाजपा की मुख्य टीम में राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता हुआ करते थे। मीडिया के अपने दोस्तों से उन्हीं दिनों को याद करते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें वे अच्छे दिन अब भी याद आते हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता होते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह अखिलेश सरकार पर बेहद हमलावर हुआ करते थे। अपने सहयोगी श्रीकांत शर्मा के साथ उन्होंने अखिलेश यादव सरकार पर बार-बार हमला कर उसे बचाव में आने को मजबूर किया था।
संभवतः अखिलेश सरकार पर उनकी आक्रामकता को दी ध्यान में रखते हुए भाजपा ने एक बार फिर उन्हें तब मैदान में उतारा जब सीबीआई खनन मामले में भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच कर रही है। हमीरपुर में हुए इस खनन मामले की जांच अब सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचती जा रही है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने स्वयं किसी भी खनन का अधिकार केवल ऑनलाइन माध्यम से कराए जाने का कानून बनाया था। लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि फिर चन्द्रकला ने किस आधार पर दर्जनों खनन का अधिकार अपने आधार पर दे दिए।
भाजपा का आरोप है कि अखिलेश यादव ने चन्द्रकला की नियुक्ति स्वयं हमीरपुर की थी। इतना ही नहीं हमीरपुर में हुए खनन घोटाले के समय खनन विभाग खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास हुआ करता था। अखिलेश यादव के बाद खनन विभाग का मंत्री गायत्री प्रजापति को बनाया गया था जो मुलायम सिंह परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। भाजपा नेता ने सीबीआई से इस मामले में अखिलेश यादव से पूछताछ करने की अपील की।