योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। फायर ब्रांड हिंदू नेता की छवि रखने वाले आदित्यनाथ के कई बयान मीडिया की सुर्खियों में रहे हैं, जिससे उनकी आलोचना होती रही है।
इकॉनमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आदित्यनाथ ने ट्रंप के ट्रैवल बैन की प्रशंसा करते हुए कहा था, 'हिंदू उत्तर प्रदेश से पलायन करने के लिए दबाव में हैं। उन्होंने 'लव जिहाद' के लिए मुस्लिम युवाओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि इससे हिंदू महिलाओं का इस्लामिकरण हो रहा है।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें उत्तर प्रदेश को चलाने की जिम्मेदारी दे दी है। 200 मिलियन से ज्यादा आबादी वाले इस प्रदेश के लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बांटने की राजनीति आर्थिक विकास के दावों पर ग्रहण लगा देगी?
44 साल के आदित्यनाथ ने रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, उनकी पार्टी का एकमात्र मिशन राज्य का विकास है। लेकिन, चुनाव आयोग को जमा किए ऐफिडेविट में आदित्यनाथ का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो उनके ऊपर हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी, हिंसा को उकसाने जैसे मामले दर्ज हैं। यह मोदी के 'न्यू इंडिया' के निर्माण पर शंका पैदा कर रहा है।
रिपोर्ट में दिल्ली में रहने वाले विशेषज्ञ अजय बोस के हवाले से कहा गया है, यह वैसे ही है जैसे अमेरिका में हुआ। ट्रंप ने किसी से नहीं कहा कि वह भारतीयों पर हमला करें। लेकिन ऐसा माहौल बना कि हमले हुए। उन्होंने कहा, धार्मिक अतिवाद में पुजारी के फॉलोवर अपने एजेंडे को आगे नहीं बढ़ा पाने की स्थिति में बेचैन हो जाते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह संभव है कि नए मुख्यमंत्री मोदी के विकास के एजेंडे को आगे ले जाएं।