दक्षिण भारत का प्रवेश द्वारा कहे जाने वाले कर्नाटक में चुनाव प्रचार के अंतिम तौर में भाजपा ने कांग्रेस के ‘हाथ’ की काट के लिए उत्तर प्रदेश के ‘नाथ’ को उतारा है।
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बीदर व बेलगांव क्षेत्र में कई मठों में मत्था टेका और आधा दर्जन सभाओं को संबोधित किया। सांस्कृतिक एकरूपता के लिए उन्होंने यूपी के राम और कर्नाटक के हनुमान को जोड़ा तो उनकी सभाओं में जयश्रीराम के नारे गूंज पड़े।
कर्नाटक में नाथ संप्रदाय के अनुयायी बड़ी तादाद में हैं। कर्नाटक में नाथ संप्रदाय का सबसे बड़ा मठ आदि चुनचुनगिरी है। इस मठ की 450 शिक्षण संस्थाएं हैं। वोकलिग्गा समाज में इस मठ के अनुयायियों की बड़ी तादाद है। 166 एकड़ में फैले इस मठ के प्रमुख निर्मलानंदनाथ महाराज पिछले दिनों लखनऊ में योगी आदित्यनाथ से मिलने भी गए थे।
योगी आदित्यनाथ को कर्नाटक चुनाव प्रचार में लगाने का मकसद नाथ संप्रदाय समेत हिंदू मतों का ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में करना है। योगी सोमवार को चुनाव प्रचार के लिए कर्नाटक आए तो उन्हें कई स्थानों पर नाथ संप्रदाय से जुड़े लोग मिले। वह खुद रास्ते में पड़ने वाले कई मठों में भी गए। छिन्नाबसावापट्टा देवारा मठ और ह्यूमनाबाद में वीरभद्र बाबा के मठ में उनका स्वागत हुआ।
इन मठों के नजदीक उनकी सभाएं भी हुई। उन्होंने न केवल गोरखपुर की गोरक्षपीठ और भगवान गोरखनाथ से कर्नाटक के रिश्ते जोड़े बल्कि राम और हनुमान के जरिये भी दोनों राज्यों के सांस्कृतिक संबंधों की याद दिलाई। सभाओं में जब वह कहते हैं कि भगवान श्रीराम यूपी से हैं और हनुमान कर्नाटक से तो जयकारे गूंजने लगते हैं।
किसानों के मोर्चे पर सिद्धारमैया को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सभाओं में किसानों के मुद्दे पर सीएम सिद्धारमैया को घेरा। कहा कि उनकी सरकार में किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ कर दिए गए हैं।
यूपी में प्राकृतिक आपदा आई तो प्रभावित लोगों को 24 घंटे में मदद पहुंचाई जा रही है। वह खुद प्रभावित किसानों व अन्य लोगों से मिल चुके हैं। इसके विपरीत कर्नाटक में कांग्रेस शासन में सर्वाधिक आत्महत्याएं हुईं लेकिन कोई पीड़ित परिवारों से मिलने तक नहीं गया। उन्होंने अपनी सरकार के एक साल के कार्यकाल की तुलना सिद्धारमैया के पांच साल के कार्यकाल से की। उन्होंने किसानों की बदहाली के लिए सिद्धारमैया को जिम्मेदार ठहराया।