विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (
यूजीसी) ने योग विषय के डिप्लोमा धारकों को फिजियोथेरेपी के डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्राथमिकता देना का फैसला किया है। एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के बाद यूजीसी ने यह निर्णय लिया है। सिफारिश में सुझाया गया था कि
योग में विशेषज्ञता रखने वालों को दाखिले में प्राथिमिकता दी जाए।
हालांकि सामन्य छात्र पर लागू होने वाली शर्तें योग विषय के डिप्लोमा धारकों पर भी लागू होंगी। इन सिफारिशों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंजूर कर ली हैं। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया कि योग में एक साल का डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार को दाखिले में प्राथमिकता दी जा सकती है।
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से दाखिले की प्रक्रिया के दौरान सभी सिफारिशों पर ध्यान देने को कहा है। बता दें कि मई 2016 में यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से फिजियोथेरेपी के स्नातक और स्नातकोत्तर के डिग्री पाठ्यक्रमों में योग के शिक्षण व प्रशिक्षण का मॉड्यूल शामिल करने के लिए कहा था।