लेह में योग दिवस (21 जून) पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। इसके पीछे कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ती संख्या को कारण बताया गया है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिस्सा लेना था। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस पर कार्यक्रम को लेकर संदेह पैदा हो गया है।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री योग दिवस पर कहां और किस प्रकार भाग लेंगे।
माना जा रहा है कि इस दिन वे एक वर्चुअल योग कार्यक्रम में भाग लेने के बाद राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच बढ़े तनाव के कारण पूरी दुनिया की निगाह इस समय इस क्षेत्र पर लगी हुई है।
आयुष मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ माननीय इस दिन अपने-अपने निवास स्थान पर वर्चुअल माध्यम से योग कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम कहां आयोजित होगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस वर्ष ‘घर पर योग, परिवार के साथ योग’ को कार्यक्रम की थीम रखा गया है।
हालांकि, भाजपा इसी दिन 21 जून से अपना विशेष वर्चुअल प्रचार अभियान शुरू कर रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 21 जून को योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के लिए एक वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
इस कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बाद 24 जून को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पूर्वी क्षेत्र के लिए और 27 जून को स्मृति इरानी मध्य क्षेत्र के लिए विशेष वर्चुअल प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगी।
योग दिवस का यह छठां संस्करण होगा। पहले योग दिवस 21 जून 2015 को दिल्ली के राजपथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 हजार से अधिक लोगों के साथ योग कर इसकी शुरुआत की थी।
इसके पूर्व 11 दिसंबर 1014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने 177 देशों के समर्थन से 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाये जाने को मान्यता दी थी।