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यस बैंक धोखाधड़ी: हाई कोर्ट ने अवंता ग्रुप के प्रमोटर गौतम थापर को दी जमानत

सार

थापर को ईडी ने सीबीआई जांच के आधार पर उसके द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
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Yes bank fraud - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अवंता ग्रुप के प्रमोटर और अवंता रियल्टी के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष गौतम थापर को रियल्टी कंपनी के साथ 307 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े यस बैंक धोखाधड़ी मामले में जमानत दे दी। न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की एकल पीठ ने थापर को दो लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। सीबीआई ने थापर, यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 7, 11 और 12 के तहत मामला दर्ज किया था।  

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जांच एजेंसी के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी कपूर ने अवंता की संपत्ति दिल्ली में एक प्रमुख स्थान पर उसके बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर हासिल की थी। आरोप यह था कि कपूर ने अवंता के साथ ऋण के रूप में आधिकारिक लेन-देन किया था। सीबीआई का आरोप है कि थापर ने धोखाधड़ी के मकसद से कपूर के साथ आपराधिक साजिश रची थी। केंद्रीय एजेंसी ने 8 अक्टूबर, 2021 को चार्जशीट दाखिल की थी। थापर को ईडी ने सीबीआई जांच के आधार पर उसके द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।

थापर के वकील महेश जेठमलानी ने करंजावाला एंड कंपनी फर्म के साथ कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद थापर ने जांच में सहयोग किया था। सीबीआई के वकील हितेन वेनेगाओकर ने तर्क दिया कि थापर ने सह-आरोपी राणा कपूर और उनकी पत्नी बिंदू कपूर के साथ मिलकर विभिन्न वित्तीय लेनदेन में आपराधिक साजिश रची और धोखाधड़ी की। यस बैंक ने पहले ही विभिन्न अवंता कंपनियों को लगभग 2,500 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा प्रदान की थी और फिर भी 400 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। 
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