20 दिन के बाद कर्नाटक को बीएस येदियुरप्पा के रूप में नया मुख्यमंत्री मिल गया। येदियुरप्पा ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है, लेकिन विरोधी दलों की हरकत भी बड़ी चुगली का संकेत कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने बीएस येदियुरप्पा को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले की आलोचना की है। इसी के साथ सूचना है कि जद(एस) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी अपने अपमान का बदला लेने की कोशिश में जुट गए हैं।
कर्नाटक विधानसबा के अध्यक्ष केआर कुमार रमेश हैं। रमेश को लेकर भाजपा के कार्यवाहक अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के भविष्य को लेकर फैसला बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक के विधायकों, स्थानीय ईकाई को करना है। नड्डा के अनुसार जो रमनीतिक रूप से उचित होगा, वह किया जा सकता है। नड्डा की इस टिप्पणी से साफ है कि भाजपा विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार की भूमिका को लेकर असमंजस में है। केआर रमेश कुमार तीन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर चुके हैं। अभी उन्हें 14 विधायकों पर अपना निर्णय लेना है। इनमें 11 कांग्रेसी और तीन जद(एस) के विधायक हैं। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों की अयोग्यता का निर्णय लिया जाना भी एक बड़े संकेत की तरह है। ऐसे 31 जुलाई तक बीएस येदियुरप्पा के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी रहेगी।