मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कर्नाटक की भयावह बाढ़ से उन्हें अवगत कराया। येदियुरप्पा ने राज्य के लिए अनुदान जारी करने का अनुरोध किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री सुरेश अंगड़ी, मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर,और प्रहलाद जोशी भी उपस्थित थे।
इसी बीच कर्नाटक में बाढ़ग्रस्त गांवों का नाम राहत कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि देने वाले दानदाताओं के नाम पर रखने की सरकार की पेशकश को लेकर कुछ वर्गों ने आलोचना की है। इसके बाद मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि केवल नई बस्तियों (लेआउट) का ही नाम बदला जाएगा।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘स्पष्टीकरण : मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि देने वाले दानदाताओं के नाम पर गांवों का नहीं बल्कि बस्तियों का नाम रखा जाएगा।’
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से मची तबाही के मद्देनजर बुधवार को उद्योगपतियों और कोरपोरेट के साथ बैठक में घोषणा की थी कि अगर कंपनियां 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि देती है तो उनके नाम पर गांवों के नाम रखे जाएंगे। उनकी इस घोषणा पर कुछ लोगों ने हैरानी जताई।
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली जद(एस) ने गांवों के नाम बदलने के प्रस्तावित कदम को तुगलकी फरमान बताया।