2025 में कुछ घटनाएं ऐसी रहीं, जिनसे पूरा देश सकते में आ गया। इनमें इस साल की शुरुआत में प्रयागराज के महाकुंभ में हुई भगदड़ से लेकर अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान क्रैश और करूर-बंगलूरू में हुई भगदड़ की घटनाएं तक शामिल हैं। आइये जानते हैं ऐसी ही घटनाओं के बारे में...
1. महाकुंभ में भगदड़ ने देश को रुलाया
प्रयागराज में इस साल हुए महाकुंभ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। एक के बाद एक शाही स्नानों में सरकार की व्यवस्था उभर कर सामने आई। हालांकि, मौनी अमावस्या (29 जनवरी) स्नान की अल-सुबह संगम पर भारी भीड़ और कुछ चूक के कारण अचानक ही भगदड़ मच गई। इसकी चपेट में आने के कारण 37 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से 30 लोग संगम घाट पर मृत हुए थे जबकि सात लोगों की जान अन्य स्थानों पर हुई घटनाओं में हुई थी। इसके अलावा 60 से अधिक लोग घायल हुए थे। कुछ अन्य रिपोर्ट्स में मौतों और घायलों का आंकड़ा ज्यादा होने का भी दावा किया गया।
2. एयर इंडिया विमान हादसा
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही सेकंडों में 260 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद लोग शामिल थे। देशभर को इस हादसे ने झकझोर कर रख दिया था। पीड़ित परिवार आज भी इस हादसे के सदमे से उबर नहीं पाए हैं।
एअर इंडिया की लगभग 12 साल पुराना बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (रजिस्ट्रेशन VT-ANB) हादसे का शिकार हुआ था। उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से टकरा गया। हादसे में एक मात्र ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश (45 वर्ष) जीवित बचे। इस मामले में फिलहाल जांच जारी है और 2026 में रिपोर्ट आने का इंतजार है।
3. पहलगाम आतंकी हमला
पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को एक आतंकवादी हमला हुआ। पाकिस्तान से सहायता प्राप्त हमलावरों ने पहलगाम में घुसकर लोगों से उनका धर्म पूछा और उनकी हत्या कर दी। इस बर्बर आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई। इनमें 25 भारतीय और एक नेपाल का नागरिक था। इस घटना के बाद भारत ने जहां एक तरफ पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया तो वहीं जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की खोज भी जारी रखी। 22 मई 2025 को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पास आई एक खुफिया जानकारी के माध्यम से दाचीगाम क्षेत्र में आतंकियों की उपस्थिति की सूचना मिली। आईबी और सेना ने दाचीगाम में अल्ट्रा सिग्नल कैप्चर करने के लिए 22 मई से 22 जुलाई तक लगातार प्रयास किए। 22 जुलाई को सेंसर्स के माध्यम सफलता मिली और आतंकवादियों की उपस्थिति की पुष्टि हो गई। इसके बाद 4 पैरा के नेतृत्व में सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों ने एक साथ आतंकियों को घेरा और निर्दोष नागरिकों को मारने वाले तीनों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया।
4. बंगलूरू में आईपीएल विजेता टीम की विजय यात्रा में मची थी भगदड़
इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू की टीम चैंपियन बनी। जीत का जश्न मनाने के लिए चार जून को आरसीबी के प्रबंधकों ने बंगलूरू में अपने समर्थकों के लिए रोड शो का आयोजन किया। हालांकि, आरसीबी की जीत के जश्न कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
इस घटना के बाद कर्नाटक सरकार, बीसीसीआई और आरबीसी ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का एलान किया। कर्नाटक सरकार के रिटायर्ड जज जॉन माइकल कुन्हा की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई। समिति ने अपनी रिपोर्ट 11 जुलाई को सरकार को सौंप दी।
5. करूर में राजनीतिक रैली में भगदड़, 40 से ज्यादा जानें गईं
27 सितंबर को अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम ने करूर में एक रैली का आयोजन किया था। इसमें खुद विजय को भी पहुंचना था। हालांकि, इस रैली में आई भीड़ अचानक ही बेकाबू हो गई थी और देखते ही देखते मची भगदड़ में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। बाद में सामने आया था कि समारोह स्थल पर क्षमता से पांच गुना ज्यादा भीड़ जुट गई थी। साथ ही विजय भी रैली स्थल पर छह घंटे की देरी से पहुंचे थे।
विजय के रैली में देर से पहुंचने और जबरदस्त भीड़ के बीच सही इंतजाम न होने की वजह से भीड़ में कुछ लोग बेहोश हो गए। इसके चलते लोगों में बाहर निकलने की होड़ मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। कई लोग अचेत होकर भीड़ में ही फंस गए और कुचले जाने के कारण मारे गए। इस घटना के बाद विजय और टीवीके ने अपने सभी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम और रैलियां अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए थे। इसके साथ ही विजय ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे का भी एलान किया था।