कॉलेजियम प्रणाली पर केंद्र सरकार से टकराव के बीच सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में तीन मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) देखे। शीर्ष अदालत ने 2002 के गुजरात दंगे में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को एसआईटी की तरफ से मिली क्लीन चिट को बरकरार रखने, विवादास्पद मनी लॉन्ड्रिंग कानून और शिक्षण संस्थानों में दाखिले व सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को सही ठहराने समेत कई अहम फैसले भी सुनाए।
सुप्रीम कोर्ट को कॉलेजियम प्रणाली से लेकर जमानती एवं छोट-मोटी जनहित याचिकाओं से लेकर अदालत में दीर्घकालीन अवकाश तक विभिन्न मुद्दों पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू की अगुआई में केंद्र की ओर से प्रहार का सामना करना पड़ा, जिस पर शीर्ष अदालत ने पलटवार भी किया। शीर्ष अदालत के लिए जजों के नामों को मंजूरी देने में देरी पर केंद्र को खरी-खोटी सुनाई। व्यक्तिगत स्वतंत्रता के उल्लंघन के मामले कहा कि यदि वह कार्रवाई नहीं करे तो वह है किसलिए।
पारदर्शिता के लिए अहम कदम उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने अपने कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए अहम कदम उठाए। संविधान पीठों की लाइव-स्ट्रीमिंग शुरू करने का क्रांतिकारी फैसला किया। मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए नया तंत्र विकसित किया, आरटीआई पोर्टल और अदालत के मोबाइल एप का उन्नत वर्जन शुरू किया।
72 साल के इतिहास में दूसरी बार एक साल में तीन सीजेआई
सुप्रीम कोर्ट के 72 साल के इतिहास में 2022 में एक साल के भीतर शीर्ष अदालत में तीन मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। जस्टिस एनवी रमण अप्रैल 2021 में देश के 48वें सीजेआई बने थे। वह इस साल अगस्त में सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद जस्टिस यूयू ललित देश के 49वें सीजेआई बने। वह नवंबर को सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद नौ नवंबर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ देश के 50वें सीजेआई के रूप में शपथ ली थी।
कई संविधान पीठों का गठन
इस साल कई संविधान पीठों का गठन हुआ। इनमें दिल्ली सरकार-केंद्र के बीच अधिकारों के बंटारे, नोटबंदी, जल्लीकट्टू, महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट और मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसी प्रणाली के गठन की मांग संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इसके अलावा इस्राइली जासूसी उपकरण पेगासस के उपयोग से लोगों की जासूसी के आरोपों पर सुनवाई की। गुजरात दंगे के दौरान बिलकिस बानों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में दोषियों को समय से पहले रिहा करने के फैसले को भी मंजूरी दी।