दिल्ली सरकार ने कोरोना की फास्ट टेस्टिंग को अपनी रणनीति का अभिन्न अंग बनाया जिसके कारण कोरोना के ज्यादा से ज्यादा लोगों की सटीक पहचान हो सकी। उनका समय पर इलाज किया गया और अन्य लोगों तक संक्रमण पहुंचने से रोका जा सका। दिल्ली में पहला मामला 2 मार्च 2020 को सामने आया था। अब तक दिल्ली में कोरोना के कुल 6,21.439 मामले सामने आ चुके हैं। इस समय केवल 7267 मामले ही सक्रिय बचे हुए हैं। 6.03 लाख लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं तो 10,414 लोगों को कोरोना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
टेस्टिंग दिल्ली सरकार की सबसे कारगर रणनीति रही है। अब तक कोरोना के कुल 82.08 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं। कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या अब 1.2 प्रतिशत तक ही रह गई है। कोरोना के मामलों में वृद्धि दर भी गिरकर 0.2 प्रतिशत ही रह गई है।
29 मार्च से आनंद विहार पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हुई। भूखे-प्यासे लोगों को बीवी-बच्चों के साथ बदहाल देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए। निजामुद्दीन के मरकज में जमा हुए तब्लीगी जमात के लोगों को शुरूआती दौर में कोरोना के सबसे बड़े वाहक के रूप में देखा गया। नियमों को तोड़ने के आरोप में कई लोगों पर केस भी चले। लेकिन अंत में कोर्ट ने सबको बरी कर दिया। कुछ लोगों को जुर्माने की रकम भरनी पड़ी थी।
कलबुर्गी, कर्नाटक के 76 वर्षीय व्यक्ति को देश में कोरोना से हुई पहली मौत माना जाता है। उनकी मृत्यु 10-11 मार्च को हुई थी। वहीं, 13 मार्च को विदेश से आए एक बेटे से संक्रमित महिला की दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी। इसे दिल्ली में कोरोना से हुई पहली मौत माना जाता है। 12 मार्च को अरविंद केजरीवाल ने इसे महामारी घोषित कर दिया था।
कुछ अन्य घटनाएं
इस साल दिल्ली में कुछ अन्य ऐसी घटनाएं घटीं जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा। इसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन, परिसर में हिंसा जैसी घटनाएं भी शामिल रहीं। 5 जनवरी को देर शाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुछ नकाबपोश लोग डंडे लेकर घुसे। पढ़ाई कर रहे छात्रों की पिटाई की।
लेफ्ट लॉबी ने इसके लिए एबीवीपी छात्रों को जिम्मेदार ठहराया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने बीते साल अपने साथ हुई हिंसा के विरोध में लगातार मशाल जलाए रखी तो जगह-जगह पर इसके विरोध में प्रदर्शन होते रहे। इसके अलावा दिल्ली की सत्ता पर रिकॉर्ड बहुमत से अरविंद केजरीवाल की वापसी हुई। दिल्ली कांग्रेस को चौधरी अनिल कुमार और दिल्ली बीजेपी को आदेश गुप्ता के रूप में नए अध्यक्ष मिले।