देश में लॉकडाउन के एक साल बाद भी महिलाओं के खिलाफ अत्याचार नहीं रुक रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग को हर महीने महिलाओं के खिलाफ अपराध के लगभग 2000 से अधिक मामले मिल रहे हैं। इन शिकायतों में एक-चौथाई मामले घरेलू हिंसा से संबंधित हैं। कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था लेकिन यह लॉकडाउन कई महिलाओं के लिए भारी पड़ा।
लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी को देखने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने व्हाट्सएप नंबर जारी किया जिससे कि महिलाएं इस नंबर पर हो रहे अत्याचार के बारे में शिकायत कर सकें।
महिला आयोग के अनुसार घरेलू हिंसा की शिकायतों की संख्या हर महीने बढ़ती जा रही हैं और जुलाई में 660 ऐसी शिकायतें प्राप्त हुईं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून से महिला आयोग को हर महीने महिलाओं के खिलाफ अपराधों की 2,000 से अधिक शिकायतें मिल रही हैं।
महिला आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल, 2020 से अब तक महिलाओं के खिलाफ अपराध की 25,886 शिकायतें मिलीं हैं, जिसमें घरेलू हिंसा की 5,865 शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा महिला आयोग के महिलाओं के खिलाफ छह वर्षों से सबसे अधिक वर्ष 2020 में 23,722 शिकायतें मिलीं जिसमें से कि घरेलू हिंसा की लगभग एक-चौथाई मामले हैं।