इंडियन मुजाहिद्दीन की स्थापना करने वाले दुर्दांत आतंकी को तिहाड़ जेल में चैन से नहीं रहने दिया जाता। उसे अधिकारी परेशान करते हैं, पीटते हैं और उसके मानवाधिकारों का हनन करते हैं। ये कहना है कि इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठन की स्थापना करने वाले और पाकिस्तान की शह पर देश में कई बार खून बहाने वाले यासीन भटकल का। उसने दिल्ली की कोर्ट में अर्जी देकर मामले की सीबीआई और एसीबी जांच की मांग भी की है।
खास बात ये है कि कोर्ट ने न सिर्फ भटकल की अर्जी सुनी, बल्कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों से 8जून तक जवाब भी मांगा है। यासीन भटकल ने अपनी याचिका में लिखा है कि दिल्ली के तिहाड़ जेल के अधिकारी न सिर्फ उसे शारीरिक तौर पर परेशान करते हैं, बल्कि उसका जीना दूभर हो गया है। इसके बाद कोर्ट ने भटकल की याचिका पर संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल के अधिकारियों को तलब किया है।
A Delhi Court seeks reply from Tihar Jail on plea of Yasin Bhatkal alleging physical harassment & human rights violation by jail authorities
— ANI (@ANI_news) June 5, 2017
भटकल ने अपनी याचिका में उसे प्रताड़ित करने के मामले में एसीबी और सीबीआई जांच की भी मांग की है। इस पूरे मामले में तिहाड़ जेल के अधिकारियों को 8 जून तक जवाब देना है।
Yasin Bhatkal's plea also seeks CBI and ACB's probe in the matter. Court has sought reply from Tihar Jail authorities by June 8.
— ANI (@ANI_news) June 5, 2017
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गौरतलब है कि पाकिस्तान में आतंक की ट्रेनिंग ले चुका यासीन भटकल देश की सुरक्षा एजेंसियों के कभी अबूझ पहेली बना हुआ था। वो मोस्ट वांटेड की लिस्ट में था और अगस्त 2013 में भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों के हत्थे चढ़ा था। फिलहाल हैदराबाद धमाकों को लेकर भटकल को एनआईए की कोर्ट ने 19 दिसंबर को मौत की सजा सुनाई है। वो देश में हुई कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है।