पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से बड़ा सवाल किया है। उन्होंने ट्विटर पर केंद्र सरकार की ओर से पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर सवाल उठाए जाने का मुद्दा उठाया है। यशवंत ने लिखा कि मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के पूर्व वित्तमंत्री की मुलाकात पर भाजपा प्रवक्ता के बयान पर मैं यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या यही राष्ट्रीय नीति है। क्या उन्हें इसका अंदाजा है?
दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के नेताओं की मुलाकात का मुद्दा राजनीतिक तूल बन गया था। मनमोहन को घेरते हुए उनकी देश के प्रति वफादारी पर सवाल उठने लगे थे। ये मामला इस कदर बढ़ा की कांग्रेस ने संसद के शीतकालीन सत्र में पीएम मोदी से सफाई मांगने की मांग उठा डाली। अब यशवंत ने भी इस मामले पर चुटकी ली है।
इससे पहले भी यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि14वीं शताब्दी के दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने भी 700 साल पहले
नोटबंदी की थी। इस फैसले की आलोचना करते हुए सिन्हा ने कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 3.75 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
यहां एक कार्यक्रम में यशवंत सिन्हा ने कहा कि कई शहंशाह थे जिन्होंने अपनी मुद्रा चलाईं। कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने नई मुद्रा के साथ-साथ पहले वाली मुद्रा का भी चलन बरकरार रखा। आज से 700 साल पहले शासक मोहम्मद बिन तुगलक था जो नई मुद्रा लेकर आया और पुरानी मुद्रा के चलन को खत्म कर दिया। वह राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद ले जाने के गलत फैसले के लिए जाना गया। साथ ही वह नोटबंदी के लिए भी बदनाम था।