आईआईटी गांधीनगर के अनुसंधानकर्ताओं ने छाती के एक्स-रे से कोविड-19 का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) आधारित उपकरण विकसित किया है। यह ऑनलाइन उपकरण किसी व्यक्ति के कोविड-19 से संक्रमित होने की संभावना को दर्शाता है।
कुशपाल यादव ने बताया कि जिस मॉडल का उपयोग किया, उसमें तंत्रिका नेटवर्क की 12 परतें हैं। यह जो मानव मस्तिष्क के न्यूरॉन के समान है। इस विधि में यह फायदा है कि एक्स-रे तस्वीरें बीमारी का पता लगा सकती है। अमेरिका में प्रिंसटन विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने हाल ही में कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए एआई आधारित एक उपकरण तैयार किया था।
आईआईटी परियोजना की देखरेख करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर कृष्ण प्रसाद मियापुरम का दावा है किया कि यह उपकरण वैश्विक स्तर पर उपलब्ध ऐसे अन्य उच्च तकनीकी उपकरणों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि यह उपकरण केवल संकेत देता है और नैदानिक जांच पुष्टि करने के लिए आवश्यक है, लेकिन यह चिकित्सा बुनियादी ढांचे के मौजूदा बोझ को कम करने में मदद कर सकता है।