समाज में असंवेदनशीलता कितनी बढ़ती जा रही है इसका एक नमूना मैनपुरी में देखने को मिला। जहां ट्रैक्टर से गिरा एक मजदूर पहिये के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब 25 मिनट तक वह घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों से जान बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा, सभी उसका वीडियो बनाते रहे। जानकारी होने पर थानाध्यक्ष ने क्रेन से ट्रैक्टर को हटवाया, लेकिन तब तक मजदूर की मौत हो चुकी थी। अभी तक मृतक के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
शनिवार देर रात ईंटों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्राली जिला कारागार के समीप स्पीड ब्रेकर पर उछल गई। इस दौरान ट्रैक्टर पर बैठा एक मजदूर संतुलन खो बैठा और ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आ गया। यह देख चालक ने ट्रैक्टर वहीं रोक दिया। पहिये के नीचे दबे मजदूर की चीख पुकार सुनकर वहां तैनात पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन किसी ने उसे पहिये के नीचे से निकालने की कोशिश नहीं की, बल्कि अन्य लोगों के साथ-साथ पुलिस वाले उसका वीडियो बनाने में लग गए। 25 मिनट तक मजदूर वहीं तड़पता रहा।