2012 में 12 अगस्त को 'वर्ल्ड एलीफेंट डे' के तौर पर माना का ऐलान किया गया। यह फैसला हाथियों को बचाने व अवैध तस्करी के लिए की जा रही उनकी हत्या रोकने के लिए किया गया। 2012 के बाद से हर साल इस दिन को वर्ल्ड एलीफेंट डे के रूप में मनाया जाने लगा। इसे अफ्रीका और एशिया के हाथियों की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया।
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आज विश्व भर में 65 से ज्यादा वाइल्ड लाइफ संस्थाएं वर्ल्ड एलीफेंट डे को सपोर्ट करती हैं। हाथियों के बढ़ते शिकार, हाथी व इंसानों के बीच बढ़ते टक्कराव, अवैध तस्करी ये कुछ मामले है जिनमें हाथियों को तेजी से मारा जा रहा है।
आज दुनिया भर में इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए लोग एक साथ आ रहे हैं और हाथियों के बचाव के लिए कैपेन चल रहे हैं। गौरतलब है कि 2011 में कनाडाई फिल्म निर्माता पेट्रीसिया सिम्स और माइकल क्लार्क ने इसकी शुरुआत की थी।