गोवा के राज्यपाल के पी.एस. श्रीधरन पिल्लई अकसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं। शनिवार को उन्होंने कहा कि दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक नेता के रूप में स्वीकार कर रही है, जबकि चार साल पहले वह दुनिया की यात्रा करने के लिए कटघरे में थे।
राज्यपाल पिल्लई दक्षिण गोवा के क्यूपेम के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस ग्रेट ब्रिटेन लंबे समय तक भारत पर शासन किया था, अब उसकी अर्थव्यवस्था भारत से पीछे छठे स्थान पर आ गई है।
राज्यपाल ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, चार साल पहले सोचो..जब मोदी जी दुनिया का दौरा कर रहे थे, राजनीतिक रूप से वे कटघरे में थे, उन पर आरोप लगाए गए, आलोचना की गई..उन पर राजनीतिक विरोधियों के गंभीर हमले हुए। लेकिन अब दुनिया उन्हें एक नेता के रूप में स्वीकार कर रही है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच फंसे बीस हजार भारतीयों को सुरक्षित रूप से देश वापस लाया गया, ऐसा दोनों देशों के बीच भारत की स्वीकृति के कारण हुआ।
उन्होंने आगे कहा, "भारत एकमात्र ऐसा देश था जिसने दोनों देशों से सहमति प्राप्त की थी। युद्ध तीन से चार घंटे के लिए रोक दिया गया था और हमारे नागरिकों को बचाया गया था। यहां तक कि पाकिस्तान ने भी इस दौरान अनपे देश के छात्रों को बचाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया था।"
राज्यपाल ने आगे कहा कि मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर ने कहा है कि वह एक आयोग बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के समक्ष प्रस्ताव रखेंगे जिसमें पांच साल के वैश्विक संघर्ष को सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी, पोप फ्रांसिस और संयुक्त राष्ट्र महासचिव शामिल होंगे।
पिल्लई ने कहा, वेटिकन में प्रतिनिधित्व धार्मिक आधार पर है, संयुक्त राष्ट्र महासचिव आधिकारिक क्षमता में मौजूद हैं, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री देश के प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तावित हैं।