नौकरी पेशा महिलाओं के लिए सरकार जल्द ही एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। नौकरी करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार मातृत्व अवकाश की अवधि 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते यानि लगभग साढ़े छह माह करने वाली है।
इस संबंध में मेटरनिटी बैनिफेट एक्ट में संसोधन आज राज्यसभा में पास हो गया। इसे कल लोकसभा में रखा जाएगा जहां सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। ऐसे में साफ है कि यह प्रस्ताव जल्द ही कानून की शक्ल अख्तियार कर लेगा।
खास बात ये है कि ये प्रस्ताव पास होता है तो सरकारी के साथ साथ निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। कल ही इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बताया था कि सरकार और उनका मंत्रालय पिछले डेढ़ साल से इस प्रस्ताव के लिए प्रयास कर रहा था। काफी प्रयासों के बाद यह प्रस्ताव सदन के पटल तक पहुंचा। हालांकि इस प्रस्ताव को श्रम मंत्रालय की ओर से पेश किया गया।
मेनका ने बताया कि सरकार यह मानती है कि नवजात बच्चे को जन्म के बाद कम से कम छह माह तक मां का दूध जरूर मिलना चाहिए। ऐसे में जो महिलाएं नौकरीपेशा हैं उनके लिए जरूरी है कि उन्हें पर्याप्त अवकाश दिया जाए।