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कानून को स्थिर होना चाहिए मूक नहीं : पीएम मोदी

Fri, 24 Feb 2017 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की ओर से कई तरह के कानूनी सुधार शुरू किए जाने का हवाला देते हुए कहा है कि उनकी कोशिश भारत को एक वैश्विक मध्यस्थता केंद्र बनाने की घोषणा की।
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मध्यस्थता और प्रवर्तन (आर्बिट्रेशन एंड एनफोर्समेंट) को मजबूत करने के लिए हो रही ग्लोबल कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारत न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है। कानून को स्थिर होना चाहिए मगर मूक नहीं।

इसी सिद्धांत का अनुकरण करते हुए सरकार ने ऐसे 1000 बेकार नियमों को कानून से हटाया है जिससे न्याय पाने की राह में बाधा पैदा होती थी।
 
पीएम ने कहा कि सहज और सर्वसुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल क्रांति का सहारा लिया जा रहा है। ग्लोबल कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए भारत डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है।
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डिजिटल क्रांति के तहत ‘कॉज लिस्ट’ से लेकर ‘केस लिस्ट’, वकीलों की लाइब्रेरी, न्यायालयों की तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी मोबाइल पर बस एक क्लिक के जरिए हासिल की जा सकेगी। 

राष्ट्रीय न्यायिक ग्रिड की स्थापना की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि इससे जिला न्यायालयों में लंबित मामलों की जानकारी हासिल की जा सकती है। इसी क्रम में व्यावसायिक अदालतें और हाईकोर्ट में व्यावसायिक डिविजन का गठन कर मामलों के जल्द निपटारे की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति से न सिर्फ न्याय पाने में आसानी होगी, बल्कि इसके जरिए आर्थिक खाई को भी पाटा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मामले के जल्दी निपटारे के लिए आर्बिट्रेशन एंड कांसिलिएशन एक्ट में कई बड़े संशोधन किए गए हैं।

एन आर्बिट्रेशन एक्ट से कामकाज में सरलता आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत दुनिया में जल्द ही ग्लोबल आर्बिट्रेशन हब के तौर पर स्थापित हो जाएगा। 
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ठाकुर ने मध्यस्थता केंद्रों के खराब प्रदर्शन पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा है कि मुकदमों के बोझ से न्यायिक व्यवस्था दबाव में है। ऐसे में कानूनी तंत्र की समीक्षा और खराब प्रदर्शन करने वाली मौजूदा संस्थानों में सुधार की जरूरत है।

उन्होंने इस पर अफसोस जताया कि भारत में मध्यस्थता की प्रक्रिया चलाने के लिए उचित संस्थाएं नहीं हैं। ऐसे में लोग इसके लिए पंच सितारा होटलों और क्लब में जाते हैं।

सरकार द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय वैकल्पिक विवाद निस्तारण केंद्र के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना के दो दशक हो गए, लेकिन इसने केवल 20 मामलों का निपटारा किया है।

घरेलू मध्यस्थता के मामलों को निपटाने से वादियों और मुकदमों का बोझ झेल रही अदालतों को राहत मिलेगी। यहां अदालतों पर अत्यधिक बोझ है। जज क्षमता से ज्यादा काम कर रहे हैं। 18 हजार जज पांच करोड़ मामलों की सुनवाई करते हैं। उन्होंने दो करोड़ मुकदमों का निपटारा किया।
 
महाभारत का जिक्र करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने कौरव और पांडव में मध्यस्थता की कोशिश की लेकिन वह विफल रहे। कहने का मतलब है कि भगवान भी सुलह कराने में विफल हो सकते है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मध्यस्थता प्रभावी नहीं।

मध्यस्थता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि कानूनी तंत्र की समीक्षा करने की जरूरत है।
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