रेलवे लाइन के किनारे लगाए जा रही ये रेलिंग बहुत मजबूत है, इसमें दो डब्ल्यू-बीम होते हैं। इस तरह की बाड़ का उपयोग राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना-संभावित स्थानों पर वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है।
ट्रेनों के साथ होने वाले हादसों को रोकने के लिए रेल मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में रेलवे ने मुंबई और अहमदाबाद के बीच 622 किलोमीटर के दायरे में मेटल बीम फेंसिंग का निर्माण शुरू कर दिया है। मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए रेलवे की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है।
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रेल मंत्रालय ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर रेलिंग लगाने पर लगभग 245.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए सभी आठ निविदाएं दे दी गई हैं और इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है। रेलवे को मई 2023 के आखिर तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
रेलवे ने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे लगाए जा रही ये रेलिंग बहुत मजबूत है, इसमें दो डब्ल्यू-बीम होते हैं। इस तरह की बाड़ का उपयोग राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना-संभावित स्थानों पर वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है। ये रेलिंग कंक्रीट की बजाय स्टील की होगी। रेलवे का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद मवेशी रेलवे ट्रैक पर नहीं आ सकेंगे और ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
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गौरतलब है कि बीते साल अक्तूबर माह में कई बार वंदेभारत ट्रेन मवेशियों से टकरा गई थी। ऐसी दो घटनाएं तो लगातार दो दिनों में हुई थीं। ऐसी ही एक घटना में गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस एक गाय से टकरा गई थी। हादसे की वजह से ट्रेन का अगला हिस्सा मामूली रूप से क्षतिग्रस्त भी हुआ था। ये घटना गुजरात के आणंद स्टेशन के पास हुई थी। हालांकि हादसे में किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ था। इस हादसे के एक दिन पहले सेमी-हाई स्पीड ट्रेन ने चार भैंसों को टक्कर मार दी थी। जिसके बाद उसके एक हिस्से को बदलना पड़ा था।