मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के समय पर पूरा होने में देरी हो सकती है क्योंकि महामारी के चलते भूमि अधिग्रहण के काम में देरी हो रही है। इस परियोजना का काम दिसंबर 2023 में पूरा होना प्रस्तावित है।
रेलवे ने शनिवार को कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना में अच्छी प्रगति हुई है लेकिन इसके पूरा होने की वास्तविक समय सीमा का अगले तीन से छह महीने में पता चलेगा जब भूमि अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने कहा कि गुजरात में 82 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण हो चुका है जबकि महाराष्ट्र में केवल 23 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण हुआ है।
यादव ने कहा कि बुलेट ट्रेन जैसी बड़ी परियोजना में काम तब शुरू हो सकता है जब निश्चित मात्रा में जमीन उपलब्ध हो। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि अगले तीन से छह महीने में हम उस बिंदु पर पहुंच पाएंगे। डिजाइन तैयार है और हम आगे बढ़ने वाले हैं। यह सच है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण निविदा और भूमि अधिग्रहण में कुछ देरी हुई है लेकिन मैं कह सकता हूं कि परियोजना में अच्छी प्रगति हुई है।'
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, 'कोविड-19 की स्थिति सुधरने पर हम निविदा प्रक्रिया शुरू करेंगे और अगले तीन से छह महीने में जमीन अधिग्रहण का काम कर पाएंगे। इसके बाद हम परियोजना के पूरा होने की वास्तविक समय सीमा प्रदान कर पाएंगे।'