तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता की बेटी होने का दावा करने वाली महिला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एमबी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अभिभावक की पुष्टि के बारे में डीएनए जांच कराने संबंधी मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
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महिला की ओर से वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने जयललिता का दाह-संस्कार हिंदू परंपरा के मुताबिक कराने की मांग की। उनका कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री जाति से अयंगर ब्राह्मण थीं। इस मांग पर सर्वोच्च अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र है।